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थाने के मालखाना में 15 साल से राम-सीता
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निजामाबाद। राम 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे और सिंहासन पर बैठे तो चारों तरफ आनंद की वर्षा होने लगी। दत्तात्रेय धाम के श्रद्धालु अपने आराध्य की प्रतीक्षा इससे ज्यादा समय से कर रहे हैं। मंदिर अष्टधातु की राम, सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियों चोरी हो गई थीं। ये मूर्तियां 15 थाने के मालखाने में पड़ी हैं।
निजामाबाद तहसील क्षेत्र में तमसा व कुंवर नदी के संगम पर दत्तात्रेय धाम है। यहां भगवान विष्णु के अंश माने जाने वाले दत्तात्रेय का आश्रम है और प्राचीन मंदिर है। मंदिर में अष्टधातु की भगवान राम, सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियां स्थापित थीं, जिन्हें चोर 16 साल पहले चुरा ले गए थे। मूर्तियां मंदिर से 100 मीटर की दूर ही बरामद हो गई। कुछ ही दिनों बाद फिर से मूर्तियां चोरी हो गईं, जिसमें पुलिस ने बरामद किया। ये मूर्तियां 15 सालों से मालखाने में पड़ी है। मुकदमे के निस्तारण के बाद मूर्तियों को स्थापित करने की मांग उठी। तब पुुलिस ने कहा था कि मंदिर में बार-बार चोरी हो रही है। इसको देखते हुए वहां पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी और उसके बाद मूर्तियों की स्थापना कराई जाएगी। मगर न तो चौकी बनी और मूर्तियों की स्थापना की गई। अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद एक बार फिर दत्तात्रेय धाम में प्रतिमाओं की स्थापना की मांग उठने लगी है।
दत्तात्रेय धाम से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हुई थी, जिसे पुलिस ने बरामद किया था। तब से मूर्ति मालखाने में रखी हुई है। अब तक कोर्ट से इस मामले में रिलीज आर्डर नहीं मिला है। जब रिलीज आर्डर मिलेगा तो मूर्तियां मंदिर समिति को स्थापित करने के लिए सौंप दी जाएगी। जहां तक सुरक्षा की बात है तो उच्चाधिकारियों के संज्ञान में सारा मामला है। जो व्यवस्था उच्चाधिकारी उपलब्ध कराएंगे उसके तहत सुरक्षा की व्यवस्था वहां की जाएगी।
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शिवशंकर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना निजामाबाद
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निजामाबाद तहसील क्षेत्र में तमसा व कुंवर नदी के संगम पर दत्तात्रेय धाम है। यहां भगवान विष्णु के अंश माने जाने वाले दत्तात्रेय का आश्रम है और प्राचीन मंदिर है। मंदिर में अष्टधातु की भगवान राम, सीता, लक्ष्मण व हनुमान जी की मूर्तियां स्थापित थीं, जिन्हें चोर 16 साल पहले चुरा ले गए थे। मूर्तियां मंदिर से 100 मीटर की दूर ही बरामद हो गई। कुछ ही दिनों बाद फिर से मूर्तियां चोरी हो गईं, जिसमें पुलिस ने बरामद किया। ये मूर्तियां 15 सालों से मालखाने में पड़ी है। मुकदमे के निस्तारण के बाद मूर्तियों को स्थापित करने की मांग उठी। तब पुुलिस ने कहा था कि मंदिर में बार-बार चोरी हो रही है। इसको देखते हुए वहां पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी और उसके बाद मूर्तियों की स्थापना कराई जाएगी। मगर न तो चौकी बनी और मूर्तियों की स्थापना की गई। अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद एक बार फिर दत्तात्रेय धाम में प्रतिमाओं की स्थापना की मांग उठने लगी है।
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दत्तात्रेय धाम से अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हुई थी, जिसे पुलिस ने बरामद किया था। तब से मूर्ति मालखाने में रखी हुई है। अब तक कोर्ट से इस मामले में रिलीज आर्डर नहीं मिला है। जब रिलीज आर्डर मिलेगा तो मूर्तियां मंदिर समिति को स्थापित करने के लिए सौंप दी जाएगी। जहां तक सुरक्षा की बात है तो उच्चाधिकारियों के संज्ञान में सारा मामला है। जो व्यवस्था उच्चाधिकारी उपलब्ध कराएंगे उसके तहत सुरक्षा की व्यवस्था वहां की जाएगी।
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शिवशंकर सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना निजामाबाद