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Azamgarh News: यूजीसी के नए नियमों को लेकर राजपूत सेवा संगठन लामबंद

Sun, 06 Sep 2026 01:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Sep 2026 01:41 AM IST
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Rajput Seva Sangathan mobilizes against new UGC regulations.
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राजपूत सेवा संगठन ने सामाजिक समरसता, समानता, न्याय और राष्ट्रहित का हवाला देते हुए शनिवार को राष्ट्रपति को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। संगठन ने सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। संगठन ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को समाप्त करने की मांग की। कहा कि सभी विद्यार्थियों के लिए समान अवसर और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी वर्ग के विद्यार्थियों को भेदभाव या असमानता का अनुभव न हो। संगठन ने एससी-एसटी एक्ट में गलत या झूठा आरोप लगाने वालों के खिलाफ गिरफ्तारी के साथ छह माह की जेल का प्रावधान करने की मांग की।
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साथ ही आरोप फर्जी साबित होने पर पीड़ित को 10 गुना मुआवजा देने की मांग रखी। सरकारी धन की प्राप्ति के लिए एससी-एसटी को पेशे के रूप में इस्तेमाल करने वाले लोगों को प्रतिबंधित करने की भी मांग की गई। संगठन ने आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को प्राथमिकता देने की दिशा में नीति बनाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए संविधान के अनुच्छेद 15(6) और 16(6) के तहत अधिकतम 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। संगठन ने आर्थिक आधार पर इसका दायरा बढ़ाने की मांग की। ज्ञापन राजपूत सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश सिंह ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा।
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