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UP: काम ठप कर प्रदर्शन, अधिवक्ता संशोधन अधिनियम 2025 का विरोध; 28 तक न्यायिक कार्य का करेंगे बहिष्कार

Thu, 26 Feb 2026 09:23 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 26 Feb 2026 09:23 PM IST
सार

Azamgarh News: अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही अधिवक्ताओं ने 28 फरवरी तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। 

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Protests by halting work opposing Advocates Amendment Act 2025 boycott judicial work until 28 february
अधिवक्ताओं का प्रदर्शन। - फोटो : संवाद

विस्तार

UP News: बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन अधिनियम 2025 के विरोध में फूलपुर बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।

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बार संघ के अध्यक्ष श्रीराम यादव और महामंत्री सुभाष चंद्र यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, प्रदेश के राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन उनके हितों के खिलाफ है। 
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इस दौरान पूर्व अध्यक्ष रामनारायण यादव, हृदय शंकर मिश्रा, ओमप्रकाश, अशोक भूषण, जिलेदार सिंह, रामानंद, रमेश चंद्र शुक्ल, इश्तियाक अहमद, कमलेश, संदीप, अतुल, देशराज, उपेंद्र सिंह, विमलेश, अंगद यादव, मुमताज अहमद आफताब, चंद्रिका सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

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अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
बूढ़नपुर। तहसील बार एसोसिएशन बूढ़नपुर के अधिवक्ताओं ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बूढ़नपुर को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र प्रभावी कानून लागू करने की मांग की।

तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कानून की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। 

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मिथिलेश सिंह ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या समस्या होने पर अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्य से विरक्त रहने के अधिकार से वंचित करने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।

मंत्री जगत नारायण तिवारी ने बताया कि ज्ञापन में अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सम्मान तथा न्यायिक व्यवस्था में उनकी भूमिका को और सुदृढ़ करने से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान सूर्य प्रकाश यादव, योगेंद्र यादव, बलराम यादव, दिनेश सिंह, दिनेश पांडेय, शीतला प्रसाद चौबे, डब्लू चौबे, आजाद आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।

आज न्यायिक कार्य नहीं करेंगे अधिवक्ता
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की बैठक बृहस्पतिवार को संघ के सभागार में अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई। इसमें अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन बिल पर विचार किया। अध्यक्ष ने कहा कि अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 की धारा को अधिवक्ता ऐक्ट में शामिल किया गया है। इसकी निंदा करते हुए अधिवक्ताओं ने अधिवक्ता संशोधन बिल को वापस लेने की मांग किया। प्रस्ताव पारित कर 27 फरवरी तक न्यायिक कार्य में प्रतिभाग न करने का निर्णय लिया। संचालन संघ के मंत्री राना अजेय प्रताप सिंह ने किया। 

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