Azamgarh: 11वीं की छात्रा की खुदकुशी मामले में प्रधानाचार्य और शिक्षक जेल से रिहा,किसकी जांच सही, उठ रहे सवाल
आजमगढ़ स्थित चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल में बीते 31 जुलाई को तीसरी मंजिल से कूदकर 11वीं की छात्रा ने खुदकुशी कर ली थी। इस मामले में गिरफ्तार प्रधानाचार्य व क्लास टीचर बुधवार रात जमानत मिलने पर जेल से रिहा कर दिए गए।
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आजमगढ़ स्थित चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल में 31 जुलाई को तीसरी मंजिल से कूदकर 11वीं की छात्रा के आत्महत्या करने के मामले में गिरफ्तार प्रधानाचार्य व क्लास टीचर बुधवार रात जेल से रिहा कर दिए गए। दोनों को सीजेएम ने 20-20 हजार के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था। इस मामले की शुरुआती विवेचना जिला पुलिस ने की थी। सीओ सिटी गौरव कुमार के साथ ही एएसपी ट्रैफिक जांच के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने छात्रा के माता-पिता की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
बाद में सीओ सिटी और एएसपी यातायात की विवेचना पर हत्या की धारा को हटाकर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद सीओ नगर मऊ की विवेचना में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला भी नहीं मिला। इसको लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
शिक्षकों की गिरफ्तारी के विरोध में बंद हुए थे निजी स्कूल
चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्य सोनम मिश्रा व कक्षाध्यापक अभिषेक राय के खिलाफ सिधारी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना निरीक्षक शमशेर यादव को दी गई थी। पुलिस ने विवेचना में प्रधानाचार्य व शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया। इसके आधार पर हत्या की धारा में बदलाव कर हत्या के लिए उकसाने की धारा कर दी गई। दोनों को तीन अगस्त को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। इसके बाद निजी स्कूल संचालक आंदोलित हो गए। 8 अगस्त को प्रदेश के निजी स्कूल बंद रखे गए।
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मऊ के सीओ सिटी को सौंपी गई जांच
इसी दिन आईजी अखिलेश कुमार ने प्रकरण की विवेचना जनपद पुलिस से लेकर सीओ नगर मऊ धनंजय मिश्रा को दे दी। धनंजय ने 24 घंटे की विवेचना के बाद सीजेएम कोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी। इसमें उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षक अभिषेक राय को आत्महत्या के लिए उकसाने का भी दोषी नहीं पाया। इसके आधार पर सीजेएम ने बुधवार देर शाम दोनों को 20-20 हजार के मुचलके पर रिहा करने का आदेश पारित कर दिया। रात लगभग साढ़े नौ बजे कोर्ट से रिहाई आदेश जेल पहुंचा। इसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
12 से अधिक लोगों से पूछताछ
सीओ सिटी मऊ ने विवेचना में 12 से अधिक लोगों से पूछताछ करने के साथ ही बयान दर्ज किए। इसमें छात्रा के माता-पिता के अलावा विद्यालय के कर्मचारी संजीव कुमार, अनुकृति शुक्ला, नीलम कुमारी, विदिशा, धर्मेंद्र कुमार दुबे, अरविंद कुमार सिंह, राजकुमारी, सुनीता, कौशिल्या, भोगा उर्फ भुनगी, प्रशांत पांडेय के साथ ही दो युवक व उनके परिजन भी शामिल रहे। 24 घंटे में सीओ ने विवेचना कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी।
छात्रा की मां ने जांच पर उठाए सवाल
पुलिस की जांच पर सवालिया निशान लगाते हुए छात्रा की मां ने कहा कि उनकी बेटी को बदनाम किया जा रहा है। न्याय के लिए अब वह सीएम से गुहार लगाएंगी। मां ने कहा कि कहा कि पुलिस किसी की नहीं होती है, आज उन लोगों ने यह साबित कर दिया। अब योगी जी के पास जाऊंगी और न्याय की गुहार लगाऊंगी।
शासन-प्रशासन ने किया न्याय : प्रबंधक
विद्यालय के प्रबंधक कृष्ण मोहन त्रिपाठी गुरुवार को मीडिया के सामने आए। कहा कि शासन-प्रशासन ने न्याय संगत कार्रवाई की है। कहा कि छात्रा की मौत से पूरा विद्यालय परिवार दुखी है। छात्रा व उसके परिजनों के प्रति संवेदना है।