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सड़क पर एंबुलेंस खड़ी पर कार्य बहिष्कार पर गए पायलट व ईएमटी
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एंबुलेंस चालकों के प्रदर्शन के दौरान देवखरी में खडें एंबुलेंस।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। समायोजन के लिए आंदोलन कर रहे 102, 108 और एएलएस एंबुलेंसों के चालकों ने रविवार मध्य रात्रि से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। लखनऊ-बलिया फोरलेन पर देवखरी के पास सड़क के किनारे एंबुलेंसों खड़ाकर प्रदर्शन किया। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। सभी तहसील मुख्यालयों पर आपातकाल के लिए आठ एंबुलेंस काम कर रही है।
समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में एंबुलेंस सेवा की शुरूआत की गई थी तो इसके संचालन की जिम्मेदारी जीवीके कंपनी को दी गई थी। अब सरकार ने इस कंपनी से एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस सेवा के संचालन का अधिकार छीन लिया है। इस सेवा में पूरे प्रदेश में लगभग 1000 पायलट व ईएमटी तैनात हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय एएलएस सेवा का संचालन खुद करेगा लेकिन जीवीके के कर्मचारियों को लेने को तैयार नहीं है। समायोजन के लिए एंबुलेंसकर्मी आंदोलन कर रहे हैं। जिले में 100 से अधिक एंबुलेंस है, जिन्होंने रविवार की रात 12 बजे से ही कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। देवखरी में फोरलेन पर सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर प्रदर्शन किया है। जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तक आंदोलन व कार्य बहिष्कार चलेगा।
मरीजों हो रही परेशानी
आजमगढ़। सरकारी एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। सर्वाधिक परेशानी प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल अथवा अन्य सरकारी जच्चा-बच्चा केंद्र पर पहुंचने वाली महिलाओं को हुई। परिजन मरीजों को प्राइवेट एंबुलेंस अथवा वाहनों से लेकर अस्पताल पहुंचे। प्राइवेट एंबुलेंस वालों ने मुंहमांगा किराया भी वसूल किया। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद छुट्टी पाई कई प्रसूताओं को भी घर लौटने में परेशानी हुई।
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एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर कोई समस्या नहीं है। समस्या शासन स्तर पर है, जिसके लिए लखनऊ में वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि जल्द कार्य बहिष्कार समाप्त हो जाएगा।
डॉ इंद्र नारायण तिवारी, सीएमओ
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समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में एंबुलेंस सेवा की शुरूआत की गई थी तो इसके संचालन की जिम्मेदारी जीवीके कंपनी को दी गई थी। अब सरकार ने इस कंपनी से एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस सेवा के संचालन का अधिकार छीन लिया है। इस सेवा में पूरे प्रदेश में लगभग 1000 पायलट व ईएमटी तैनात हैं। स्वास्थ्य महानिदेशालय एएलएस सेवा का संचालन खुद करेगा लेकिन जीवीके के कर्मचारियों को लेने को तैयार नहीं है। समायोजन के लिए एंबुलेंसकर्मी आंदोलन कर रहे हैं। जिले में 100 से अधिक एंबुलेंस है, जिन्होंने रविवार की रात 12 बजे से ही कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। देवखरी में फोरलेन पर सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर प्रदर्शन किया है। जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तक आंदोलन व कार्य बहिष्कार चलेगा।
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मरीजों हो रही परेशानी
आजमगढ़। सरकारी एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। सर्वाधिक परेशानी प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल अथवा अन्य सरकारी जच्चा-बच्चा केंद्र पर पहुंचने वाली महिलाओं को हुई। परिजन मरीजों को प्राइवेट एंबुलेंस अथवा वाहनों से लेकर अस्पताल पहुंचे। प्राइवेट एंबुलेंस वालों ने मुंहमांगा किराया भी वसूल किया। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के बाद छुट्टी पाई कई प्रसूताओं को भी घर लौटने में परेशानी हुई।
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एंबुलेंस कर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर कोई समस्या नहीं है। समस्या शासन स्तर पर है, जिसके लिए लखनऊ में वार्ता चल रही है। उम्मीद है कि जल्द कार्य बहिष्कार समाप्त हो जाएगा।
डॉ इंद्र नारायण तिवारी, सीएमओ