{"_id":"62619fe98118a25fc72679e6","slug":"pf-scam-complaint-disposed-of-by-depositing-only-20-s-contribution-azamgarh-news-vns6495431198","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएफ घोटाला: मात्र 20 का अंशदान जमा कर निस्तारित कर दी गई शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएफ घोटाला: मात्र 20 का अंशदान जमा कर निस्तारित कर दी गई शिकायत
विज्ञापन
आजमगढ़। नगर पालिका परिषद मुबारकपुर के पीएफ घोटाले का निस्तारण अब तक नहीं हो सका है। घोटाले को छिपाने की कवायद आज भी जारी है और मात्र 20 चहेते कर्मियों का फंड जमा करा कर शिकायत को पोर्टल पर निस्तारित भी करा दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुन: फीडबैक डाला तो शासन ने एक बार फिर ईओ को निर्देशित किया कि सभी कर्मियों का ठेकेदार के माध्यम से पीएफ फंड जमा करा कर आख्या प्रस्तुत करें।
नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में कर्मियों की तैनाती को लेकर 2019 में 211 कर्मियों की निविदा निकाली गई थी। इसमें 171 कर्मियों का ठेका देवेंद्र कुमार सिंह को दिया गया। ठेकेदार द्वारा निविदा मिलते ही कर्मियों की तैनाती कर दिया। नियमानुसार ठेकेदार को सभी कर्मियों का भविष्य निधि संगठन में एकाउंट खोलवाकर अंशदान जमा करना था। लेकिन ठेकेदार द्वारा शुरू से ही अपने कुछ चहेते कर्मियों का पीएफ फंड भविष्य निधि संगठन के एकाउंट में जमा कराया गया और ठेकेदार के माध्यम से तैनात सफाई कर्मियों व कुछ अन्य छोटे कर्मियों के पीएफ फंड जमा करने में खेल किया जाने लगा। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से हुई थी। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से ईओ नगर पालिका को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश हुआ।
ईओ द्वारा कई बार आख्या लगा कर निस्तारण प्रयास किया गया लेकिन हर बार निस्तारण आख्या अस्वीकृत कर दी गई। इसके बाद घोटले की जांच करा कर निस्तारण का पत्र जिलाधिकारी के पास पहुंचा। जिस पर जिलाधिकारी ने ईओ को निर्देशित किया कि ठेकेदार सभी कर्मियों के पीएफ जमा होने के साक्ष्य मांग कर उपलब्ध कराए अन्यथा की स्थिति में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए। इस पर ईओ प्रतिभा सिंह ने ठेकेदार को पत्र जारी कर दिया। इस पत्र के बाद ठेकेदार ने भी अपने चहेते 20 कर्मियों का पीएफ अंशदान जमा कर साक्ष्य ईओ को सौंप दिया। जिसे आधार मान कर ईओ द्वारा पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित कर दिया गया। जिस पर शिकायतकर्ता ने पुन: फीडबैक डाल दिया।
विज्ञापन
इस मामले में नगर पालिका परिषद की ईओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि पूर्व जिलाधिकारी ने प्रकरण का निस्तारण न होने पर एफआईआर का निर्देश दिया था। इसके बाद ठेकेदार ने पूर्व जिलाधिकारी से ही कुछ समय मांगा था। 20 कर्मियों का पीफ अंशदान जमा होने पर शिकायत निस्तारण के लिए पत्र लिखा गया था, यदि अब भी शिकायत निस्तारित नहीं हुई और शासन से कुछ और साक्ष्य मांगे गए है तो निश्चित तौर पर निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। जल्द सभी कर्मियों का पीएम अंशदान जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में कर्मियों की तैनाती को लेकर 2019 में 211 कर्मियों की निविदा निकाली गई थी। इसमें 171 कर्मियों का ठेका देवेंद्र कुमार सिंह को दिया गया। ठेकेदार द्वारा निविदा मिलते ही कर्मियों की तैनाती कर दिया। नियमानुसार ठेकेदार को सभी कर्मियों का भविष्य निधि संगठन में एकाउंट खोलवाकर अंशदान जमा करना था। लेकिन ठेकेदार द्वारा शुरू से ही अपने कुछ चहेते कर्मियों का पीएफ फंड भविष्य निधि संगठन के एकाउंट में जमा कराया गया और ठेकेदार के माध्यम से तैनात सफाई कर्मियों व कुछ अन्य छोटे कर्मियों के पीएफ फंड जमा करने में खेल किया जाने लगा। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से हुई थी। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से ईओ नगर पालिका को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश हुआ।
विज्ञापन
ईओ द्वारा कई बार आख्या लगा कर निस्तारण प्रयास किया गया लेकिन हर बार निस्तारण आख्या अस्वीकृत कर दी गई। इसके बाद घोटले की जांच करा कर निस्तारण का पत्र जिलाधिकारी के पास पहुंचा। जिस पर जिलाधिकारी ने ईओ को निर्देशित किया कि ठेकेदार सभी कर्मियों के पीएफ जमा होने के साक्ष्य मांग कर उपलब्ध कराए अन्यथा की स्थिति में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए। इस पर ईओ प्रतिभा सिंह ने ठेकेदार को पत्र जारी कर दिया। इस पत्र के बाद ठेकेदार ने भी अपने चहेते 20 कर्मियों का पीएफ अंशदान जमा कर साक्ष्य ईओ को सौंप दिया। जिसे आधार मान कर ईओ द्वारा पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित कर दिया गया। जिस पर शिकायतकर्ता ने पुन: फीडबैक डाल दिया।
विज्ञापन
इस मामले में नगर पालिका परिषद की ईओ प्रतिभा सिंह ने बताया कि पूर्व जिलाधिकारी ने प्रकरण का निस्तारण न होने पर एफआईआर का निर्देश दिया था। इसके बाद ठेकेदार ने पूर्व जिलाधिकारी से ही कुछ समय मांगा था। 20 कर्मियों का पीफ अंशदान जमा होने पर शिकायत निस्तारण के लिए पत्र लिखा गया था, यदि अब भी शिकायत निस्तारित नहीं हुई और शासन से कुछ और साक्ष्य मांगे गए है तो निश्चित तौर पर निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। जल्द सभी कर्मियों का पीएम अंशदान जमा कराने का प्रयास किया जा रहा है।