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एफआईआर दर्ज होने के बाद वापस हुई परफार्मेंस ग्रांट
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आजमगढ़। पूर्व डीपीआरओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद जनपद में वर्ष 2016-17 में आई परफार्मेंस ग्रांट की धनराशि को शासन को वापस कर दिया गया है। जबकि इस पर रोक लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही लगी थी। लेकिन पैसे को वापस नहीं किया गया था।
शासन की ओर से प्रतिवर्ष अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को परफार्मेंस ग्रांट उपलब्ध कराई जाती है। जिसके तहत ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से अलग से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए वर्ष 2016-17 में शासन की परफार्मेंस ग्रांट के लिए आवेदन मांगे गए। तत्कालीन डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह द्वारा कई ग्राम पंचायतों का डाटा भेजा गया। जिसमें से फूलपुर विकास खंड की तीन ग्राम पंचायतों गंडी, खरसहन खुर्द, महुआरा खुर्द और ठेकमा विकास खंड की जमुआवां को परफार्मेंस ग्रांट के उपयुक्त पाया गया। इसके बाद शासन स्तर से परफार्मेंस ग्रांट की पहली किश्त 2017-18 में ग्राम निधि के खातों में हस्तांतरित भी कर दी गई। लेकिन तभी किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस परफार्मेंस ग्रांट विधानसभा में उठाया गया। जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि भ्रामक सूचनाओं के आधार पर इन ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। उन्होंने परफार्मेंस ग्रांट के लिए निर्धारित मापदंडों पर तौला नहीं गया है। इसके बाद शासन स्तर से इसमें एसआईटी जांच का निर्देश दिया गया। शासन के निर्देश पर तत्कालीन डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्र ने परफार्मेंस ग्रांट के खर्च पर रोक लगा दी। तब से लेकर अब यह धन जनपद में ही पड़ा रहा, इसे शासन को वापस नहीं किया गया। शासन की जांच में तत्कालीन डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह को दोषी पाया गया। जिसके लिए उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। वहीं शासन से मिले निर्देश पर वर्तमान जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे द्वारा परफार्मेंस की सारी धनराशि को शासन के खाते में वापस भेज दिया गया है। डीपीआरओ श्रीकांत दर्वें ने बताया कि समय रहते पता चल गया जिसके कारण परफार्मेंस ग्रांट के धन निकासी पर रोक लगा दी गई थी। अब शासन से निर्देश मिलने पर इस पैसे को वापस कर दिया गया है।
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शासन की ओर से प्रतिवर्ष अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को परफार्मेंस ग्रांट उपलब्ध कराई जाती है। जिसके तहत ग्राम पंचायतों को शासन की ओर से अलग से धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए वर्ष 2016-17 में शासन की परफार्मेंस ग्रांट के लिए आवेदन मांगे गए। तत्कालीन डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह द्वारा कई ग्राम पंचायतों का डाटा भेजा गया। जिसमें से फूलपुर विकास खंड की तीन ग्राम पंचायतों गंडी, खरसहन खुर्द, महुआरा खुर्द और ठेकमा विकास खंड की जमुआवां को परफार्मेंस ग्रांट के उपयुक्त पाया गया। इसके बाद शासन स्तर से परफार्मेंस ग्रांट की पहली किश्त 2017-18 में ग्राम निधि के खातों में हस्तांतरित भी कर दी गई। लेकिन तभी किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस परफार्मेंस ग्रांट विधानसभा में उठाया गया। जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि भ्रामक सूचनाओं के आधार पर इन ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। उन्होंने परफार्मेंस ग्रांट के लिए निर्धारित मापदंडों पर तौला नहीं गया है। इसके बाद शासन स्तर से इसमें एसआईटी जांच का निर्देश दिया गया। शासन के निर्देश पर तत्कालीन डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्र ने परफार्मेंस ग्रांट के खर्च पर रोक लगा दी। तब से लेकर अब यह धन जनपद में ही पड़ा रहा, इसे शासन को वापस नहीं किया गया। शासन की जांच में तत्कालीन डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह को दोषी पाया गया। जिसके लिए उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। वहीं शासन से मिले निर्देश पर वर्तमान जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे द्वारा परफार्मेंस की सारी धनराशि को शासन के खाते में वापस भेज दिया गया है। डीपीआरओ श्रीकांत दर्वें ने बताया कि समय रहते पता चल गया जिसके कारण परफार्मेंस ग्रांट के धन निकासी पर रोक लगा दी गई थी। अब शासन से निर्देश मिलने पर इस पैसे को वापस कर दिया गया है।
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