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लोगों के विरोध करने पर वापस लौटी टीम
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 09 May 2015 12:03 AM IST
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नगर के मड़या मुहल्ले में अतिक्रमण हटाने पहुंचे एसडीएम सदर एके सिंह और उनकी टीम को मोहल्लेवासियों के विरोध के नाते वापस लौटना पड़ा।
बता दें कि नगर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के लिए चौराहों और तिराहों पर अतिक्रमण किए क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है। शुक्रवार को एसडीएम सदर टीम के साथ शारदा चौराहे के समीप स्थित मड़या मुहल्ले में दीपचंद निषाद के अतिक्रमण को हटाने पहुंचे। तभी काफी संख्या में मुहल्ले के लोग वहां इकट्ठे हो गए। लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। एसडीएम सदर को टीम के साथ बिना अतिक्रमण को हटाए ही वापस लौटना पड़ा। मड़या मुहल्ले के सभासद मुखराम निषाद ने कहा कि सुंदरीकरण के नाम पर अपनी जमीन पर मकान बनाए दीपचंद निषाद के मकान को गिराने के लिए टीम पहुंची। लोगों ने एसडीएम सदर से कहा कि बहुत से लोग सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं, पहले उन्हें हटाएं। वहीं एसडीएम के सिंह ने बताया कि दीपचंद निषाद का मकान भी बंधे की जमीन में बना है। जब हमने उन्हें कागजात दिखाए तो वह लोग भी इस बात को मान गए।
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बता दें कि नगर में चल रहे सुंदरीकरण कार्य के लिए चौराहों और तिराहों पर अतिक्रमण किए क्षेत्र को खाली कराया जा रहा है। शुक्रवार को एसडीएम सदर टीम के साथ शारदा चौराहे के समीप स्थित मड़या मुहल्ले में दीपचंद निषाद के अतिक्रमण को हटाने पहुंचे। तभी काफी संख्या में मुहल्ले के लोग वहां इकट्ठे हो गए। लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। एसडीएम सदर को टीम के साथ बिना अतिक्रमण को हटाए ही वापस लौटना पड़ा। मड़या मुहल्ले के सभासद मुखराम निषाद ने कहा कि सुंदरीकरण के नाम पर अपनी जमीन पर मकान बनाए दीपचंद निषाद के मकान को गिराने के लिए टीम पहुंची। लोगों ने एसडीएम सदर से कहा कि बहुत से लोग सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं, पहले उन्हें हटाएं। वहीं एसडीएम के सिंह ने बताया कि दीपचंद निषाद का मकान भी बंधे की जमीन में बना है। जब हमने उन्हें कागजात दिखाए तो वह लोग भी इस बात को मान गए।