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पैसिव क्वारंटीन खत्म, 56 डॉक्टर और कर्मचारी हुए होम क्वारंटीन

Wed, 27 May 2020 06:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2020 06:33 PM IST
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Passive quarantine ended, 56 doctors and employees became home quarantine
आजमगढ़। कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है तो वहीं सरकार कोरोना वैरियर्स डॉक्टरों व अन्य चिकित्सकीय स्टाफ को दी जाने वाली सुविधाओं में कटौती करने लगी है। स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति सरकार के रवैये से डॉक्टरों व कर्मचारियों में आक्रोश है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के 56 कर्मचारियों को मंगलवार को होटलों में पैसिव क्वारंटीन में भेजा गया था। बुधवार को इन सभी को वापस बुलाक र होम क्वारंटीन होने के लिए कह दिया गया है।
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सरकार ने अब तक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए दो तरह के क्वारंटीन की व्यवस्था की थी। इसमें 14 दिन लगातार ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को 15 वें दिन से 14 दिनों के लिए पैसिव क्वारंटीन में भेज दिया जाता था। इसके तहत ये कर्मचारी चिन्हित होटलों में रहते थे। जहां रहने व खाने की व्यवस्था सरकार की तरफ से की जाती थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज के आईसोलेशन में 14 दिनों की ड्यूटी पूरी करने के बाद 56 चिकित्सकीय स्टाफ पैसिव क्वारंटीन में विभिन्न होटलों में भेजे गए। इस बीच शासन ने पैसिव क्वारंटीन की व्यवस्था समाप्त करने का फरमान जारी कर दिया। जिसके चलते सभी कर्मचारियों को बुधवार को होटलों से वापस बुला लिया गया और होम क्वारंटीन होने को कह दिया गया। स्टाफ नर्सों का कहना है कि हमने एक्टिव मरीजों को भोजन, दवा देने के साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था आईसालेशन वार्डो में कराया है। ऐसे में हम होम क्वारंटीन कैसे हो सकते है। घर जाने पर कोरोना संक्रमण परिवार तक पहुंचने की आशंका है। हमें यदि होटलों में क्वारंटीन नहीं किया जा सकता है तो मेडिकल कालेज परिसर में ही कहीं क्वारंटीन किए जाने की व्यवस्था करायी जाए। यदि ऐसा नहीं होगा तो हम कोविड ड्यूटी नहीं करने को मजबूर होंगे।
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अब सरकार ने जब पैसिव क्वारंटीन की व्यवस्था समाप्त कर दी है तो हमारी मजबूरी है कि होटलों में पैसिव क्वारंटीन किए गए कर्मचारियों को होटलों से वापस बुला लिया गया है और उन्हें होम क्वारंटीन कराया जा रहा है। अब जो व्यवस्था बनाई गई है। उसमें हाई रिस्क व लो रिस्क की कटेगरी निर्धारित की गई है। हाई रिस्क वाले होम क्वारंटीन किए जाएंगे और लो रिस्क वाले अपनी ड्यूटी करते रहेंगे। - डॉ. आरपी शर्मा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज, चक्रपानपुर
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