आजमगढ़ जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत, पुलिस कांस्टेबल की मौत
इलाज के लिए आजमगढ़ जिला अस्पताल पहुंचे पीएसी गोरखपुर में तैनात कांस्टेबल की ऑक्सीजन के अभाव में रविवार को मौत हो गई। वहीं, शनिवार रात में ही छह मरीजों को लेकर उनके तीमारदार निजी अस्पतालों में चले गए। इसके पीछे अस्पताल में आक्सीजन की किल्लत बताई गई। उधर अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन की किल्लत की बात से इंकार कर रहा है।
मेंहनगर तहसील क्षेत्र के गोला बाजार निवासी व गोरखपुर में तैनात पीएसी के जवान लियाकत अली (45) को रविवार सुबह गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी में डॉ. मनोज ने उन्हें देखा और ऑक्सीजन न होने की बात कहते हुए कोरोना जांच के लिए आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया। जांच के बाद वहां ऑक्सीजन की पाइप लगाई गई, लेकिन उसमें आक्सीजन नहीं थी।
एक घंटे बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें आईसीयू में भेजा गया। यहां भी ऑक्सीजन नहीं थी। इस बीच नर्स ड्यूटी पूरी हो जाने की बात कह कर निकल गई। अनुरोध करने पर बताया कि यहां ऑक्सीजन नहीं है। मरीज को बचाना है तो एक निजी अस्पताल का नाम बताकर वहां तत्काल ले जाने को कहा। मरीज को वहां भर्ती नहीं किया गया।
दूसरे प्राइवेट अस्पताल ले जाते समय मरीज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मृतक के पुत्र अमन अली ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से पिता की जान गई है। उधर, जिला अस्पताल में ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं होने की वजह से वहां भर्ती छह मरीजों को शनिवार देर रात उनके तीमारदारों ने निजी अस्पतालों में भर्ती कराया। तीमारदारों का कहना था कि मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत थी और अस्पताल में वह उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में अस्पताल प्रशासन सिर्फ रेफर पर्ची बनाने की बात कह रहा था।
इस बारे में एसआईसी श्रीकृष्ण गोपाल सिंह ने कहा कि यहां सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन की व्यवस्था है। ऑक्सीजन की पूरे अस्पताल में कहीं कोई कमी नहीं है। मरीज के परिजन स्वयं यह लिख कर गए हैं कि वह मरीज को कहीं और ले जा रहे हैं। मरीज की मौत परिजनों की लापरवाही से हुई है।
मैं सुबह छह बजे पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। उन्हें आक्सीजन की सख्त आवश्यकता थी। जिला अस्पताल में आक्सीजन मिल जाती तो वह बच जाते। आक्सीजन न मिलने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाना पड़ा पर रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मेरे पिता की जान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से गई है।
अमन अली, मृतक का पुत्र
कांस्टेबल को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। हालत न सुधरने पर परिजन प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन शिकायत करेंगे तो जांच कराई जाएगी।
केके गुप्ता, शहर कोतवाल।
ऑक्सीजन न मिलने पर मिशन अस्पताल गया शिवनाथ
फूलपुर क्षेत्र का एक मरीज शिवनाथ जिला अस्पताल में भर्ती था। उसे भी आक्सीजन की जरूरत थी। ऑक्सीजन न मिलने पर देर रात साढ़े 11 बजे परिजनों ने अपने मरीज को मिशन अस्पताल में भर्ती कराया। शिवनाथ के दामाद प्रमोद ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन कि किल्लत से अपने मरीज को मिशन अस्पताल लाना पड़ा।