{"_id":"6941b21b690a6708e807f42b","slug":"ots-rs-45-crore-recovered-from-60000-defaulters-azamgarh-news-c-258-1-svns1005-142319-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओटीएस : 60 हजार बकायेदारों से 45 करोड़ रुपये की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओटीएस : 60 हजार बकायेदारों से 45 करोड़ रुपये की वसूली
विज्ञापन
आजमगढ़। विद्युत निमग के उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई विद्युत बिल राहत योजना में मंगलवार तक आजमगढ़ जोन में 60343 बकायेदारों से 45.20 करोड़ की वसूली की गई। सबसे कम राजस्व बलिया सर्किल से आया है।
जोन में 8.05 लाख उपभोक्ता ओटीएस में चिह्नित किए गए हैं। इन पर बिजली बिल का 4200 करोड़ से अधिक बकाया है। एक दिसंबर से बिजली बिल बकायेदारों और बिजली चोरी के मामलों में पकड़े गए उपभोक्ताओं के लिए एक मुश्त समाधान योजना चलाई जा रही है।
जोन की चारों सर्किल में 180 कैंप लगाए गए हैं। ओटीएस के तीनों चरणों में उपभोक्ताओं को सरचार्ज में शत प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं, मूल बिल में पहले चरण में 25 प्रतिशत की छूट दी जानी है। उपभोक्ताओं को यह लाभ 31 दिसंबर तक मिलेगा। ओटीएस के 16 दिन बीत चुके हैं।
विज्ञापन
जोन की चारो सर्किल में 60343 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठाया है। इन उपभोक्ताओं से विभाग को 45.20 करोड़ का राजस्व आया है। राजस्व वसूली में सर्किल मऊ और आजमगढ़ प्रथम सबसे आगे है जबकि सर्किल बलिया की स्थिति सबसे खराब है।
विज्ञापन
जोन में 8.05 लाख उपभोक्ता ओटीएस में चिह्नित किए गए हैं। इन पर बिजली बिल का 4200 करोड़ से अधिक बकाया है। एक दिसंबर से बिजली बिल बकायेदारों और बिजली चोरी के मामलों में पकड़े गए उपभोक्ताओं के लिए एक मुश्त समाधान योजना चलाई जा रही है।
विज्ञापन
जोन की चारों सर्किल में 180 कैंप लगाए गए हैं। ओटीएस के तीनों चरणों में उपभोक्ताओं को सरचार्ज में शत प्रतिशत की छूट मिलेगी। वहीं, मूल बिल में पहले चरण में 25 प्रतिशत की छूट दी जानी है। उपभोक्ताओं को यह लाभ 31 दिसंबर तक मिलेगा। ओटीएस के 16 दिन बीत चुके हैं।
विज्ञापन
जोन की चारो सर्किल में 60343 उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराकर योजना का लाभ उठाया है। इन उपभोक्ताओं से विभाग को 45.20 करोड़ का राजस्व आया है। राजस्व वसूली में सर्किल मऊ और आजमगढ़ प्रथम सबसे आगे है जबकि सर्किल बलिया की स्थिति सबसे खराब है।