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जीएसटी से इलाज में बाधा
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 17 Sep 2017 11:48 PM IST
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जिला अस्पमाल में ओपीडी के बाहर भीड़।
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आजमगढ़। स्थाई जीएसटी नंबर न होने के कारण जिला अस्पताल इन दिनों दवाओं की कमी से जूझ रहा है। स्थिति यह है कि जुलाई में भेजी गई दवा की मांग आज तक पूरी नहीं हुई है। हालांकि अस्पताल प्रशासन का दावा है कि लोकल परचेज कर काम चलाया जा रहा है। लेकिन वास्तविकता यह है कि जिला अस्पताल में कई प्रकार की दवाओं, एक्सरे फिल्म और इंजेक्शन की भारी कमी बनी हुई है।
एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी को लागू किया गया है पर मंडलीय जिला अस्पताल को अभी तक जीएसटी नंबर नहीं मिला है। इससे अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शुरू में जिला अस्पताल को अस्थाई जीएसटी नंबर मिला था जिसके जरिए अस्पताल प्रशासन यूपी में निर्मित दवाओं की लोकल खरीद कर मौसम जनित बीमारियों से बढ़े रोगियों के इलाज की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है। अभी हालत यह है कि अस्पताल में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम जैसी सीजनल बीमारियों के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इससे दवाओं की खपत भी दो गुनी हो चुकी है पर जिन दवाओं की ज्यादा जरूरत है, वे यहां नहीं हैं। जिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जुलाई में ही 28 दवाओं की डिमांड भेजी गई थी। इसमें दर्द की दवा, बुखार, गैस, सांस फूलने का इंजेक्शन, पेट की दवा, एंटी रैबीज वैक्सीन, डिजिटल एक्सरे की फिल्म आदि शामिल हैं। लेकिन जीएसटी नंबर नहीं होने के कारण दवाओं की सप्लाई नहीं मिली। 10 दिन पहले भी ब्लड प्रेशर, हार्ट, शुगर, खुजली और अन्य कई दवाओं की डिमांड की गई है। यदि सप्लाई नहीं होती है तो दूसरी कंपनी को मांग भेजी जाएगी।
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एक जुलाई से पूरे देश में जीएसटी को लागू किया गया है पर मंडलीय जिला अस्पताल को अभी तक जीएसटी नंबर नहीं मिला है। इससे अस्पताल में दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शुरू में जिला अस्पताल को अस्थाई जीएसटी नंबर मिला था जिसके जरिए अस्पताल प्रशासन यूपी में निर्मित दवाओं की लोकल खरीद कर मौसम जनित बीमारियों से बढ़े रोगियों के इलाज की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा है। अभी हालत यह है कि अस्पताल में वायरल फीवर, उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम जैसी सीजनल बीमारियों के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। इससे दवाओं की खपत भी दो गुनी हो चुकी है पर जिन दवाओं की ज्यादा जरूरत है, वे यहां नहीं हैं। जिला अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जुलाई में ही 28 दवाओं की डिमांड भेजी गई थी। इसमें दर्द की दवा, बुखार, गैस, सांस फूलने का इंजेक्शन, पेट की दवा, एंटी रैबीज वैक्सीन, डिजिटल एक्सरे की फिल्म आदि शामिल हैं। लेकिन जीएसटी नंबर नहीं होने के कारण दवाओं की सप्लाई नहीं मिली। 10 दिन पहले भी ब्लड प्रेशर, हार्ट, शुगर, खुजली और अन्य कई दवाओं की डिमांड की गई है। यदि सप्लाई नहीं होती है तो दूसरी कंपनी को मांग भेजी जाएगी।
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