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अब निर्माण निगम नहीं, पीडब्ल्यूडी बनाए विश्वविद्यालय
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आजमगढ़। सदर तहसील के मोहब्ब्तपुर में बनने वाले राज्य विश्वविद्यालय की इमारत अब राजकीय निर्माण निगम नहीं पीडब्ल्यूडी बनाएगा। पहले विवि की डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को दी गई थी, लेकिन 50 करोड़ से ज्यादा का काम होने के कारण इसे पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड को दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की मानें तो पीडब्ल्यूडी ने विवि के प्रशासनिक भवन का लेआउट भी तैयार कर लिया है। इसे रजिस्ट्रार के पास भेजकर निर्णय के लिए बैठक बुलाने की मांग की गई है। हालांकि रजिस्ट्रार के अवकाश पर होने के कारण अभी बैठक पर फैसला नहीं हो पाया है।
जनपद के लिए घोषित किए राज्य विश्वविद्यालय को नये शिक्षा शत्र में संचालन शुरू करने की भी घोषणा प्रदेश सरकार की ओर से की गई थी। पहले तय की गई कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम से विवि भवन के निर्माण के लिए आंगणन रिपोर्ट भी शासन ने तलब की थी। विवि का कार्यालय अस्थायी रूप से संचालित करने के लिए डीएवी कालेज में ही स्थान का चयन भी कर लिया गया था। इस बीच कोविड-19 के कारण घोषित लॉकडाउन के कारण सभी प्रक्रियाएं थम सी गई थी। पूर्व में शासन की ओर से अस्थायी रूप से कुछ पदों पर तैनाती भी की गई थी।
लॉकडाउन से पहले राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित करने का पत्र जिला प्रशासन को भेजा गया था। इसी समय इसमें 50 करोड़ से ज्यादा धनराशि के कार्य पीडब्ल्यूडी से कराने संबंधी एक शासनादेश का पेच फंस गया था। हालांकि बाद में भी जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया था कि राजकीय निर्माण निगम ही यूजीसी के मानकों के अनुसार विवि के भवन का इस्टीमेट तैयार करेगा, लेकिन अब फिर डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग की मानें तो पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड की ओर से विवि के प्रशासनिक भवन का लेआउट भी तैयार कर लिया गया है और इसे रजिस्ट्रार के पास भेजा गया है। इसके साथ ही लेआउट पर निर्णय के लिए बैठक बुलाने की भी मांग की गई थी। हालांकि अभी तक बैठक पर निर्णय नहीं हुआ है। बैठक के बाद ही इस पर कोई निर्णय हो सकता है।
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राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी अब पीडब्लयूडी के निर्माण खंड के पास है। उसने प्रशासनिक भवन का लेआउट भी तैयार किया है। इस पर बैठक बुलाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ है। वीसी का नामिनेशन न होने और लॉकडाउन के कारण अभी संचालन शुरू करने का काम रुका हुआ है। - ज्ञान प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी
जमीन खरीद पर भी निर्णय शेष
आजमगढ़। बीते साल लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार की ओर से राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई थी। शासन की ओर से विवि की स्थापना के लिए 50 एकड़ नि:शुल्क भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सदर तहसील के मोहब्बतपुर में विवि की स्थापना के लिए भूमि तलाश की गई। यहां लगभग 38 एकड़ (14.801 हेक्टेयर) ग्राम सभा की भूमि विश्वविद्यालय के नाम की जा चुकी है। 6.49546 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जानी है। इसमें रास्ते के लिए 1.7246 हेक्टेयर भूमि खरीदनी है। विवि परिसर के लिए 4.7330 हेक्येर भूमि खरीदी जानी है। इसके लिए 18.95 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। शासन को इसका डिटेल प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही खरीद के लिए अधिकारी नामित करने की भी मांग की गई है। अभी शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। पिछले बजट में प्रदेश सरकार की ओर से विवि के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया था।
रेट तय करने के बाद विश्वविद्यालय के रास्ते और परिसर के जमीन खरीद की डीटेल प्रस्ताव शासन के भेजा जा चुका है। अधिकतर किसानों से सहमति पत्र लिया जा चुका है। बचे लोगों से लेने की प्रक्रिया चल रही है। खरीद के लिए अधिकारी नामित करने की भी मांग की गई है। अभी शासन की ओर से निर्णय नहीं हुआ है। - हरिशंकर, मुख्य राजस्व अधिकारी
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जनपद के लिए घोषित किए राज्य विश्वविद्यालय को नये शिक्षा शत्र में संचालन शुरू करने की भी घोषणा प्रदेश सरकार की ओर से की गई थी। पहले तय की गई कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम से विवि भवन के निर्माण के लिए आंगणन रिपोर्ट भी शासन ने तलब की थी। विवि का कार्यालय अस्थायी रूप से संचालित करने के लिए डीएवी कालेज में ही स्थान का चयन भी कर लिया गया था। इस बीच कोविड-19 के कारण घोषित लॉकडाउन के कारण सभी प्रक्रियाएं थम सी गई थी। पूर्व में शासन की ओर से अस्थायी रूप से कुछ पदों पर तैनाती भी की गई थी।
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लॉकडाउन से पहले राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित करने का पत्र जिला प्रशासन को भेजा गया था। इसी समय इसमें 50 करोड़ से ज्यादा धनराशि के कार्य पीडब्ल्यूडी से कराने संबंधी एक शासनादेश का पेच फंस गया था। हालांकि बाद में भी जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया था कि राजकीय निर्माण निगम ही यूजीसी के मानकों के अनुसार विवि के भवन का इस्टीमेट तैयार करेगा, लेकिन अब फिर डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग की मानें तो पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड की ओर से विवि के प्रशासनिक भवन का लेआउट भी तैयार कर लिया गया है और इसे रजिस्ट्रार के पास भेजा गया है। इसके साथ ही लेआउट पर निर्णय के लिए बैठक बुलाने की भी मांग की गई थी। हालांकि अभी तक बैठक पर निर्णय नहीं हुआ है। बैठक के बाद ही इस पर कोई निर्णय हो सकता है।
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राज्य विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी अब पीडब्लयूडी के निर्माण खंड के पास है। उसने प्रशासनिक भवन का लेआउट भी तैयार किया है। इस पर बैठक बुलाने की मांग की गई थी, लेकिन अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ है। वीसी का नामिनेशन न होने और लॉकडाउन के कारण अभी संचालन शुरू करने का काम रुका हुआ है। - ज्ञान प्रकाश वर्मा, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी
जमीन खरीद पर भी निर्णय शेष
आजमगढ़। बीते साल लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार की ओर से राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई थी। शासन की ओर से विवि की स्थापना के लिए 50 एकड़ नि:शुल्क भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सदर तहसील के मोहब्बतपुर में विवि की स्थापना के लिए भूमि तलाश की गई। यहां लगभग 38 एकड़ (14.801 हेक्टेयर) ग्राम सभा की भूमि विश्वविद्यालय के नाम की जा चुकी है। 6.49546 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जानी है। इसमें रास्ते के लिए 1.7246 हेक्टेयर भूमि खरीदनी है। विवि परिसर के लिए 4.7330 हेक्येर भूमि खरीदी जानी है। इसके लिए 18.95 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। शासन को इसका डिटेल प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही खरीद के लिए अधिकारी नामित करने की भी मांग की गई है। अभी शासन की ओर से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। पिछले बजट में प्रदेश सरकार की ओर से विवि के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया था।
रेट तय करने के बाद विश्वविद्यालय के रास्ते और परिसर के जमीन खरीद की डीटेल प्रस्ताव शासन के भेजा जा चुका है। अधिकतर किसानों से सहमति पत्र लिया जा चुका है। बचे लोगों से लेने की प्रक्रिया चल रही है। खरीद के लिए अधिकारी नामित करने की भी मांग की गई है। अभी शासन की ओर से निर्णय नहीं हुआ है। - हरिशंकर, मुख्य राजस्व अधिकारी