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अब परिवार के सदस्य भी बेच सकेंगे गेहूं
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आजमगढ़। बिचौलियों पर शिकंजा कसने के लिए इस बार बायोमीट्रिक प्रणाली से किसानों की पहचान के बाद ही सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की तैयारी है। पंजीकरण में नामित किसान के न रहने पर उनके परिजन भी क्रय केंद्रों में गेहूं की बिक्री कर सकेंगे। इसके लिए उनको अपना आधार कार्ड लेकर केंद्र पर पहुंचना होगा।
मूल्य समर्थन योजना के तहत एक अप्रैल से 15 जून तक किसानों से गेहूं की खरीद की जानी है। इस बार शासन स्तर से मंडी समितियों को भी गेहूं खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही खाद्य आपूर्ति, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम, यूपीएसएस, यूपी एग्रो और पीसीयू को भी गेहूं खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। शासन की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। इस बीच सरकार ने क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले सभी किसानों की गेहूं की खरीद का निर्देश दिया है। गेहूं खरीद में बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाने के लिए सभी केंद्रों को ई-पाश मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनके माध्यम से किसानों से बायोमीट्रिक प्रणाली से गेहूं की खरीद की जाएगी। इसमें बिक्री के लिए किसान को केंद्र पर आधार कार्ड की फोटोकापी लेकर आनी होगी। किसी कारण से किसान केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो पंजीकरण में नामित सदस्य को किसान के साथ ही अपना आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। सौ क्विंटल तक गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों का सत्यापन नहीं होगा।
बायोमीट्रिक प्रणाली से किसानों के सत्यापन में गड़बड़ी की शिकायतों पर नियंत्रण हो सकेगा। इससे गेहूं खरीद में पारदर्शिता आएगी। साथ ही पंजीकृत किसानों के न रहने पर उनके परिवार के नामित सदस्य द्वारा भी आधार कार्ड देकर गेहूं की बिक्री की जा सकेगी। इससे किसानों को सहूलियत होगी। -आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ।
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मूल्य समर्थन योजना के तहत एक अप्रैल से 15 जून तक किसानों से गेहूं की खरीद की जानी है। इस बार शासन स्तर से मंडी समितियों को भी गेहूं खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही खाद्य आपूर्ति, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम, यूपीएसएस, यूपी एग्रो और पीसीयू को भी गेहूं खरीद के लिए अधिकृत किया गया है। शासन की ओर से गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हालांकि गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। इस बीच सरकार ने क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले सभी किसानों की गेहूं की खरीद का निर्देश दिया है। गेहूं खरीद में बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाने के लिए सभी केंद्रों को ई-पाश मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनके माध्यम से किसानों से बायोमीट्रिक प्रणाली से गेहूं की खरीद की जाएगी। इसमें बिक्री के लिए किसान को केंद्र पर आधार कार्ड की फोटोकापी लेकर आनी होगी। किसी कारण से किसान केंद्र पर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो पंजीकरण में नामित सदस्य को किसान के साथ ही अपना आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। सौ क्विंटल तक गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों का सत्यापन नहीं होगा।
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बायोमीट्रिक प्रणाली से किसानों के सत्यापन में गड़बड़ी की शिकायतों पर नियंत्रण हो सकेगा। इससे गेहूं खरीद में पारदर्शिता आएगी। साथ ही पंजीकृत किसानों के न रहने पर उनके परिवार के नामित सदस्य द्वारा भी आधार कार्ड देकर गेहूं की बिक्री की जा सकेगी। इससे किसानों को सहूलियत होगी। -आरपी पटेल, डिप्टी आरएमओ।
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