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बेअसर रहा रेल रोको आंदोलन, पुलिस के घेरे में रही पटरियां और स्टेशन

Mon, 18 Oct 2021 11:00 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 Oct 2021 11:00 PM IST
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Neutral Rock movement, the tracks and stations in the circle of police
फूलपुर के खुरासन रोड स्टेशन पर तैनात पीएसी के जवान। - फोटो : AZAMGARH
संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी रेल रोको आंदोलन का असर जिले में देखने को नहीं मिला। आंदोलन को लेकर किसान नेताओं को पहले ही नजरबंद कर दिया गया था। पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। पूरी तरह से रेल की पटरियां और स्टेशन पुलिस के घेरे में रही। रेल यात्री आराम से ट्रेनों में सफर किए।
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विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कई माह से किसान आंदोलनरत हैं। सोमवार को देशव्यापी रेल रोको आंदोलन करने का एलान किया गया था। जिसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। सठियांव स्टेशन से लेकर खोरासन रोड रेलवे स्टेशत तक पुलिस महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड में रहा। रेलवे स्टेशलन छावनी में तब्दील रही। ताकि कहीं भी किसी प्रकार का आंदोलन न हो सके। वहीं अग्निशमन की गाड़ियां भी लगाई गई थी। जनता की सुरक्षा को लेकर सठियांव रेलवे स्टेशन, सिधारी हाल्ट, आजमगढ़ रेलवे स्टेशन, रानी की सराय, फरिहां, सरायमीर, खोरसान रोड रेलवे स्टेशन व दीदारगंज स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी व सिविल पुलिस समेत पीएसी के जवान तैनात रहें। हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इस बीच जो संदिग्ध दिखा उससे पूछताछ भी की गई। इसके बाद ही उन्हें प्लेटफार्म पर जाने दिया गया।
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वाहन पर सोमवार को रेल रोकने के लिए जय किसान आंदोलन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजनेति यादव घर से निकलने की तैयारी में थे। लेकिन थाना प्रभारी सरायमीर इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने उन्हें खानपुर स्थित आवास में ही नजरबंद कर दिया।
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राजनेत यादव ने कहा कि सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून रद्द करने, एमएसपी पर गारंटी को लेकर किसानों का आंदोलन चल रहा है। वहीं लखीमपुर खीरी में हमारे किसान भाइयों के ऊपर गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा का बेटा खुलेआम कार से रौंद कर किसानों की निर्मम हत्या कर दी लेकिन अभी तक गृह राज्यमंत्री पर 120बी का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी न होना, पद पर बने रहना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। अंग्रेजों के क्रूर व दमन पूर्वक शासन की याद उत्तर प्रदेश सरकार दिला रही है। जब तक कृषि बिल वापस नहीं हो जाती, दोषी गृह राज्यमंत्री को जब तक जेल भेज नहीं दिया जाता। तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

केंद्र सरकार के नए कृषि कानून व किसानों के साथ हुई बर्बरता को लेकर किसानों ने रेल रोको आंदोलन का निर्णय लिया था। जिसकी जानकारी मिलते ही प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया था। फूलपुर कोतवाल धर्मेंद्र पांडेय के नेतृत्व में पीएसी और पुलिस फोर्स नगर के सभी स्थानों पर मुस्तैद रहे। खुरासन रोड और दीदारगंज, सरायमीर रेलवे स्टेशनो पर सुरक्षा के कड़े इंतेजाम किए गए थे। कालेजो और तिराहा और सार्वजनिक स्थानों पर भारी संख्या में फोर्स तैनात रही। वहीं फरिहां स्टेशन पर भी निजामाबाद प्रभारी निरीक्षक यादुवेंद्र पांडेय चौकी इंचार्ज फरिहां राजेंद्र प्रसाद सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित थे। इस दौरान स्टेशन पर आंदोलन का कोई असर नहीं दिखा।
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