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पूर्व जिपं अध्यक्ष समेत तीन पर हत्या का दोषसिद्ध
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:10 PM IST
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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह दोषी करार,न्यायालय से निकलते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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आजमगढ़। वर्ष 2010 में अतरौलिया ब्लाक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुए दोहरे हत्याकांड मामले में आरोपित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत तीन लोगों पर दोष सिद्ध हो गया है।
दोषी करार लोगों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख लालजी सिंह के दोनों पुत्र शैलेश उर्फ पिंटू सिंह और अजय कुमार उर्फ पप्पू सिंह शामिल है। सजा पर सुनवाई के लिए अदालत ने 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। चर्चित मामले पर लोगों की नजर टिकी हुई है।
ब्लाक प्रमुख चुनाव क े दौरान हुई गोलीबारी में अतरौलिया थाना के जमीन नंदना गांव निवासी महेंद्र यादव और बसावनपट्टी निवासी राम अवध यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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इस मामले में मृतक महेंद्र के भाई योगेंद्र कुमार यादव ने 22 दिसंबर 2010 में स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में कहा था कि मेरा मृतक भाई अतरौलिया ब्लाक पर चुनाव देखने आया था। लगभग 12 बजे अनंतपुर गांव निवासी सदस्य बीडीसी श्याम बिहारी यादव अपना मत देकर जैसे ही बाहर निकला।
उसे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह पुत्र रामदास सिंह समेत तीनों आरोपित अपने हाथ में असलहा लिए हुए भलाबुरा शकहते हुए जान मारने की नियत से अपने असलहों से फायर किए।
गोली लगने से महेंद्र की मौके पर और राम अवध की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। शेष अन्य में अनंतपुर गांव निवासी श्याम बिहारी यादव, बढया गांव निवासी राम कलेश निषाद, सिकंदरपुर गांव निवासी राम सिंगार यादव और देहुला गांव निवासी राम सहाय यादव गोली लगने से घायल हो गए।
इस मामले में अतरौलिया थाना पुलिस ने भगतपुनर गांव निवासी विक्रम सिंह, गोविंदपुर गांव निवासी शैलेश सिंह उर्फ पिंकू, अजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू पुत्र लालजी सिंह (पूर्व ब्लाक प्रमुख) के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान और पू र्व जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव ने कुल 17 गवाहों को परीक्षित कराया।
बचाव पक्ष की तरफ से कुल छह गवाह भी परीक्षित कराए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश आफताब हुसैन रिजवी की अदालत ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत तीन लोगों को दोषी पाते हुए जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई के लिए अदालत ने 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।
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दोषी करार लोगों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख लालजी सिंह के दोनों पुत्र शैलेश उर्फ पिंटू सिंह और अजय कुमार उर्फ पप्पू सिंह शामिल है। सजा पर सुनवाई के लिए अदालत ने 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। चर्चित मामले पर लोगों की नजर टिकी हुई है।
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ब्लाक प्रमुख चुनाव क े दौरान हुई गोलीबारी में अतरौलिया थाना के जमीन नंदना गांव निवासी महेंद्र यादव और बसावनपट्टी निवासी राम अवध यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी।
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इस मामले में मृतक महेंद्र के भाई योगेंद्र कुमार यादव ने 22 दिसंबर 2010 में स्थानीय थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में कहा था कि मेरा मृतक भाई अतरौलिया ब्लाक पर चुनाव देखने आया था। लगभग 12 बजे अनंतपुर गांव निवासी सदस्य बीडीसी श्याम बिहारी यादव अपना मत देकर जैसे ही बाहर निकला।
उसे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह पुत्र रामदास सिंह समेत तीनों आरोपित अपने हाथ में असलहा लिए हुए भलाबुरा शकहते हुए जान मारने की नियत से अपने असलहों से फायर किए।
गोली लगने से महेंद्र की मौके पर और राम अवध की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। शेष अन्य में अनंतपुर गांव निवासी श्याम बिहारी यादव, बढया गांव निवासी राम कलेश निषाद, सिकंदरपुर गांव निवासी राम सिंगार यादव और देहुला गांव निवासी राम सहाय यादव गोली लगने से घायल हो गए।
इस मामले में अतरौलिया थाना पुलिस ने भगतपुनर गांव निवासी विक्रम सिंह, गोविंदपुर गांव निवासी शैलेश सिंह उर्फ पिंकू, अजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू पुत्र लालजी सिंह (पूर्व ब्लाक प्रमुख) के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान और पू र्व जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव ने कुल 17 गवाहों को परीक्षित कराया।
बचाव पक्ष की तरफ से कुल छह गवाह भी परीक्षित कराए गए। दोनों पक्षों के तर्को को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश आफताब हुसैन रिजवी की अदालत ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत तीन लोगों को दोषी पाते हुए जेल भेज दिया। सजा पर सुनवाई के लिए अदालत ने 27 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।