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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   murder of two brothers in azamgarh Eight people including block chief sentenced to life imprisonment

यूपी: आजमगढ़ के 18 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में फैसला, ब्लॉक प्रमुख सहित नौ दोषियों को उम्रकैद

Thu, 29 Oct 2026 01:19 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 29 Oct 2026 01:19 PM IST
सार

आजमगढ़ जिले में आठ लोगों को आजीवन कारावास हुआ। दो भाइयों की हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। ब्लाक प्रमुख समेत आठ दोषियों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया।  

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murder of two brothers in azamgarh Eight people including block chief sentenced to life imprisonment
सजा के बाद दोषी को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजमगढ़ जिले में रानी की सराय थाना क्षेत्र के रुदरी गांव में 2007 में हुए दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक कमलापति ने दोषियों को आजीवन कारावास के साथ 74-74 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया। इसी मामले के दूसरे क्रॉस केस में 6 आरोपियों को कोर्ट ने पांच-पांच वर्ष की सजा और 29- 29 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया

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क्या है पूरा मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामजन्म सिंह निवासी रुदरी थाना रानी की सराय 21 अक्टूबर 2007 को दशहरे के दिन सुबह नौ बजे अपने दरवाजे पर बैठे हुए थे। तभी गांव के प्रधान विपिन सिंह, राजेश सिंह, चुन्नू उर्फ रणविजय, बलवंत सिंह, राधेश्याम सिंह, छोटू उर्फ पंकज, लोकनाथ सिंह, जीवन प्रकाश तथा शिवदास सिंह हथियारों से लैस हो कर दरवाजे पर आ गए। 
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विपिन ने तालुकदार सिंह को गोली मार दी और राजेश सिंह ने पारसनाथ सिंह को गोली मार दी। शेष लोगों ने रामजन्म सिंह, भतीजे अंकित सिंह और आशीष को लाठी डंडे से मारा। जिससे मौके पर ही तालुकदार और पारस नाथ सिंह की मृत्यु हो गई। 
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इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान मुकदमा आरोपी राधेश्याम सिंह की मृत्यु हो गई। इस मामले अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गोपाल पांडे तथा विंध्यवासिनी प्रसाद सिंह की तरफ से कुल सत्रह गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया गया।


दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। बृहस्पतिवार को अदालत ने सभी नौ दोषियों को आजीवन कारावास और 74-74 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया।

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