{"_id":"6ae316e35ee7ab990709087b","slug":"an-auspicious-window-for-shopping-returns-after-two-years-pushya-nakshatra-falls-on-november-1st-in-varanasi-2026-10-29","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"धनतेरस से पहले बाजारों में बरसेगा धन: दो साल बाद दो दिन खरीदारी का शुभ योग, 1 नवंबर को पुष्य नक्षत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धनतेरस से पहले बाजारों में बरसेगा धन: दो साल बाद दो दिन खरीदारी का शुभ योग, 1 नवंबर को पुष्य नक्षत्र
Thu, 29 Oct 2026 03:20 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 29 Oct 2026 03:20 PM IST
सार
बिना मुहूर्त पूछे खरीदारी करने का अवसर मिलने वाला है। धनतेरस और दिवाली से पहले एक नवंबर को खरीदारी का शुभ योग बन रहा है। ऐसे में सोना-चांदी, मशीन खरीदनी हों या घर में स्थिरता और समृद्धि लानी हो तो इसके लिए जो जरूरत हो उसे खरीद सकते हैं।
विज्ञापन
खरीदारी का शुभ मुहूर्त
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
सनातन शास्त्रीय नियमों के अनुसार, नवंबर की शुरुआत बड़ी खरीदारी के सप्ताह से होने वाली है। पांच को धनतेरस और छह को दिवाली से पहले एक नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र बाजार पर धनवर्षा कराने वाला योग होगा। स्वास्थ्य, स्थिरता और समृद्धि के लिए माना जाने वाला ये दिन कार्तिक महीने और रविवार को होने से और भी खास होने वाला है।
विज्ञापन
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के अनुसार, इस बार एक नवंबर को रवि पुष्य योग है जो अबूझ मुहूर्त है। यानी आपको किसी से कुछ पूछने की जरूरत नहीं रहेगी।
विज्ञापन
सोना-चांदी, मशीन खरीदनी हों या घर में स्थिरता और समृद्धि लानी हो तो इसके लिए जो जरूरत हो उसे खरीद सकते हैं। मन में कोई संदेह न पालें। इसे सर्वार्थ सिद्धि योग का दिन कहा गया है। ज्वेलरी, संपत्ति, मंत्र-यंत्र की सिद्धि करनी हो तो भी ये दिन बेहद शुभ है।
विज्ञापन
Trending Videos
विवाह के सामानों की खरीदारी भी फलदायी
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि पुष्य नक्षत्र में विवाह के लिए होने वाली खरीदारी भी अच्छी मानी जाती है। संस्कार का पालन नहीं करना है। बृहस्पतिवार और रविवार को पड़ने वाला पुष्य नक्षत्र खास माना जाता है। बृहस्पतिवार को ये नक्षत्र समझदारी के लिए काफी अच्छा हो जाता है। धार्मिक काम श्रेयस्कर होगा। बीएचयू के ज्योतिषाचार्य प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार, इस नक्षत्र में जरूरत के अनुसार खरीदारी हो तो ज्यादा लाभकारी होगा। सोना-चांदी, घर से लेकर उद्योगों के अधिग्रहण, टेंडर और खान खरीदना हो तो यह नक्षत्र उपयुक्त है।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि पुष्य नक्षत्र में विवाह के लिए होने वाली खरीदारी भी अच्छी मानी जाती है। संस्कार का पालन नहीं करना है। बृहस्पतिवार और रविवार को पड़ने वाला पुष्य नक्षत्र खास माना जाता है। बृहस्पतिवार को ये नक्षत्र समझदारी के लिए काफी अच्छा हो जाता है। धार्मिक काम श्रेयस्कर होगा। बीएचयू के ज्योतिषाचार्य प्रो. विनय कुमार पांडेय के अनुसार, इस नक्षत्र में जरूरत के अनुसार खरीदारी हो तो ज्यादा लाभकारी होगा। सोना-चांदी, घर से लेकर उद्योगों के अधिग्रहण, टेंडर और खान खरीदना हो तो यह नक्षत्र उपयुक्त है।
हर तरह की खरीदारी फलदायी
सोना या स्वर्ण आभूषण, चंद्रमा के प्रभाव से चांदी के सिक्के, आभूषण या नए बर्तन, शनिदेव के प्रभाव से वाहन, भूमि, मकान, प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश, नए बही-खाते, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, धार्मिक पुस्तकें, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, देवी-देवताओं की मूर्तियां या घर का उपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है।
सोना या स्वर्ण आभूषण, चंद्रमा के प्रभाव से चांदी के सिक्के, आभूषण या नए बर्तन, शनिदेव के प्रभाव से वाहन, भूमि, मकान, प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश, नए बही-खाते, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, धार्मिक पुस्तकें, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, देवी-देवताओं की मूर्तियां या घर का उपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है।
शत-प्रतिशत फल की प्राप्ति होगी
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र विशेष है। इसका स्वामी शनि, राशि कर्क और राशि स्वामी चंद्रमा हैं। इसके देवता देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं। इनमें मंगल भावना से किए गए कोई भी कार्य में शत-प्रतिशत फल की प्राप्ति होती है। इसमें दान-पुण्य करना चाहिए और गुरु बृहस्पति को जप-तप करने से गुरु की कृपा बरसती है।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र विशेष है। इसका स्वामी शनि, राशि कर्क और राशि स्वामी चंद्रमा हैं। इसके देवता देवगुरु बृहस्पति माने जाते हैं। इनमें मंगल भावना से किए गए कोई भी कार्य में शत-प्रतिशत फल की प्राप्ति होती है। इसमें दान-पुण्य करना चाहिए और गुरु बृहस्पति को जप-तप करने से गुरु की कृपा बरसती है।
गोधूलि मुहूर्त शाम 06.02 बजे तक रहेगा
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, रवि पुष्य योग एक नवंबर को सुबह 10:37 से दो नवंबर को सुबह 09.04 तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग एक को सुबह 06:33 से दो को सुबह 04:30 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:42 से 12:27 बजे तक तथा गोधूलि मुहूर्त शाम 05:36 बजे से 06:02 बजे तक रहेगा।
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री के अनुसार, रवि पुष्य योग एक नवंबर को सुबह 10:37 से दो नवंबर को सुबह 09.04 तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग एक को सुबह 06:33 से दो को सुबह 04:30 बजे तक, अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:42 से 12:27 बजे तक तथा गोधूलि मुहूर्त शाम 05:36 बजे से 06:02 बजे तक रहेगा।
क्या-क्या करें खरीदारी
सोना या स्वर्ण आभूषण, चंद्रमा के प्रभाव से चांदी के सिक्के, आभूषण या नए बर्तन, शनिदेव के प्रभाव से वाहन, भूमि, मकान, प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश, नए बही-खाते, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, धार्मिक पुस्तकें, देवी-देवताओं की मूर्तियां या घर का उपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है।
सोना या स्वर्ण आभूषण, चंद्रमा के प्रभाव से चांदी के सिक्के, आभूषण या नए बर्तन, शनिदेव के प्रभाव से वाहन, भूमि, मकान, प्लॉट या प्रॉपर्टी में निवेश, नए बही-खाते, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, धार्मिक पुस्तकें, देवी-देवताओं की मूर्तियां या घर का उपयोगी सामान भी खरीदा जा सकता है।