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Azamgarh News: संगठनों के पदाधिकारियों को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट
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बर्खास्त पुलिसकर्मी सुनील शुक्ला के बुधवार को शुरू होने वाले पदयात्रा और ज्ञापन कार्यक्रम से पहले ही पुलिस ने संगठनों के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर दिया। शाम करीब चार बजे तक पुलिस पदाधिकारियों के घरों पर रही।
उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ के प्रदेश सचिव गोविंद दुबे ने बताया कि 1861 के पुराने पुलिस अधिनियम के स्थान पर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप कानून और कार्यप्रणाली विकसित करने सहित अन्य मांगों को लेकर सुनील शुक्ला का सुबह एसपी को ज्ञापन देने और पदयात्रा का कार्यक्रम था।
पुलिस को लगा कि संगठनों के लोग उनका समर्थन करेंगे। इसके कारण हाउस अरेस्ट कर दिया गया। सुनील शुक्ला भी दो दिनों से शहर के एक होटल में रुके थे।
सामाजिक संगठन प्रयास के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि उनको मंगलवार की रात नौ बजे ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया था। अगले दिन करीब चार बजे तक पुलिस घर पर तैनात रही। उन्होंने कहा कि यह पुलिस की मनमानी है। अब कोई भी शांतिपूर्वक अपनी आवाज भी नहीं उठा सकता।
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भोजपुरी विकास संस्थान के प्रदेश संयोजक डीएन सिंह ने बताया कि पुलिस ने उन्हें दौलतपुर स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया था। वहीं, आजाद अधिकार सेना की महिला महासचिव मीना राय को हाउस अरेस्ट करने पर प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने जिला प्रशासन के इस अलोकतांत्रिक रवैये को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया।
रानी की सराय थाने के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया कि सिविल लाइंस स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण और ज्ञापन सौंपने के शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर मीना राय को घर पर ही नजरबंद कर दिया।
इस संबंध में शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि पुलिस की निगरानी में कुल 10 लोगों को रखा गया था, वहीं सुनील शुक्ला को उनके घर पर ही रखा गया।
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उत्तर प्रदेश अभिभावक महासंघ के प्रदेश सचिव गोविंद दुबे ने बताया कि 1861 के पुराने पुलिस अधिनियम के स्थान पर आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप कानून और कार्यप्रणाली विकसित करने सहित अन्य मांगों को लेकर सुनील शुक्ला का सुबह एसपी को ज्ञापन देने और पदयात्रा का कार्यक्रम था।
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पुलिस को लगा कि संगठनों के लोग उनका समर्थन करेंगे। इसके कारण हाउस अरेस्ट कर दिया गया। सुनील शुक्ला भी दो दिनों से शहर के एक होटल में रुके थे।
सामाजिक संगठन प्रयास के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने बताया कि उनको मंगलवार की रात नौ बजे ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया था। अगले दिन करीब चार बजे तक पुलिस घर पर तैनात रही। उन्होंने कहा कि यह पुलिस की मनमानी है। अब कोई भी शांतिपूर्वक अपनी आवाज भी नहीं उठा सकता।
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भोजपुरी विकास संस्थान के प्रदेश संयोजक डीएन सिंह ने बताया कि पुलिस ने उन्हें दौलतपुर स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया था। वहीं, आजाद अधिकार सेना की महिला महासचिव मीना राय को हाउस अरेस्ट करने पर प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने जिला प्रशासन के इस अलोकतांत्रिक रवैये को नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया।
रानी की सराय थाने के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया कि सिविल लाइंस स्थित गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण और ज्ञापन सौंपने के शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोकने के लिए पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर मीना राय को घर पर ही नजरबंद कर दिया।
इस संबंध में शहर कोतवाल यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि पुलिस की निगरानी में कुल 10 लोगों को रखा गया था, वहीं सुनील शुक्ला को उनके घर पर ही रखा गया।