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मुराली का पुरा में 15 मकानों के अस्तित्व पर संकट

Mon, 22 Aug 2016 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ Updated Mon, 22 Aug 2016 11:42 PM IST
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Murali 's entire existence of 15 houses Crisis
बाढ़
हरैया ब्लॉक में घाघरा की बाढ़ से तबाही मची हुई है। जलस्तर घटने के साथ ही मुराली का पुरा में चार मकान घाघरा में समाहित हो चुके हैं जबकि 15 लोगों के घरों का अस्तित्व संकट में है। बाढ़ आने के साथ ही तटवर्ती क्षेत्र के कई लोग रिश्तेदारियों में पलायन कर चुके हैं। जनपद को घाघरा की बाढ़ से बचाने के लिए 42 किमी लंबा महुला-गढ़वल बांध बनाया है। इसके बाद भी जनपद का 25943 हेक्टेअर क्षेत्रफल का एरिया प्रतिवर्ष बाढ़ के पानी में डूबता है। जिससे 134 राजस्व गांवों की 115615 आबादी बाढ़ की विभिषिका झेलती है। 
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जनपद की उत्तरी सीमा को छूकर गुजरने वाली घाघरा प्रतिवर्ष अपने तबाही का मंजर छोड़ जाती है। जिससे कई लोग अपने घर से बेघर होकर नए आशियाने की तलाश में भटकते हैं। कई लोग कृषि योग्य भूमि कटने से पेट भरने का आसरा ढूंढ़ते नजर आते हैं। इस वर्ष की बाढ़ से अब तक 11 गांवों की 7500 आबादी प्रभावित है। कृषि का 2037 क्षेत्रफल का एरिया बाढ़ के पानी से प्रभावित है। नदी तेजी से कृषि योग्य भूमि को काटती जा रही है।
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क्षेत्र का चक्की गांव लगभग एक महीने से पानी से घिरा है। गांव के विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नाव के सहारे गांव में पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ क्षेत्र में महुला गढ़वल बांध पर 10 बाढ़ चौकियां दाम महुला, गांगेपुर, हाजीपुर, मुवारी,  देवारा  ईस्माइलपुर, हैदराबाद, कुढ़ही, शिवपुर, सहदेवगंज, नौबरार देवारा जदीद किता प्रथम स्थापित की गई हैं। घाघरा नदी से करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हैं।
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चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा, बांका, बूढनपट्टी, सोनौरा, शाहडीह, भदौरा मकरंद, मानिकपुर, अभन पट्टी, सराय चौहान, हाजीपुर, भदौरा तालुका नैनीजोर आदि। मुराली का पुरवा में नदी और बस्ती के बीच करीब साढ़े तीन किलोमीटर का फासला था। घाघरा नदी काट कर मुहाने पर आ गई है। बिसरा गोला गोरखपुर के दर्जनों किसानों का लगभग डेढ़ सौ एकड़ जमीन अब तक कट चुकी है। उसी में यहां के लोगों ने भी अधिया और बटैया पर लेकर खेती कर रखी थी।

यहां के लोगों का भी सैकड़ों एकड़ जमीन कट चुकी है। गांव के  देवकी, सजगू, पतिराज, श्रीकांत, जय गोविंद, भीम, फूलबदन, शंकर, लालबचन, रामवृृक्ष, शिवबचन, हरिश्चंद, रामअवध, महेंद्र, रामअधार, रामचंदर, रामप्रसाद, रामदेव, प्रकाश, मुराली, तीर्थराज, शिवनाथ, पूजन, परसन, राधेश्याम, लालधर, जगधर, छत्रघारी, रामकवल, पिंटू, जयसिंह, लक्षिराम, जयराम, लोरिक, भोभल, जैसराज, रामचंदर की कृषि योग्य भूमि कट गई। तहसीलदार सगडी शिवधर चौरसिया ने बताया कि प्रतिदिन छोटी नाव का 200, बड़ी नाव का 250 रूपया और नाविक को 218.17 रुपया मिलेगा।


खतरा बिंदू से नीचे पहुंची घाघरा,  कटान तेज : लगभग एक महीने तक खतरा बिंदू से ऊपर बहने के बाद घाघरा का जलस्तर सोमवार को खतरा बिंदू से नीचे आ गया है। जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई। जिसे देख ग्रामीणों में भय व्याप्त है। इस बार घाघरा के निशाने पर देवारा खास राजा के मुराली का पुरा है।


नदी कटान के मुहाने पर खड़े 15 घरों में से चार घरों को अपनी धारा में विलीन कर चुकी है। नदी का जलस्तर रविवार को शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.46 और डिघिया नाले पर 70.40 मीटर था। जो सोमवार की शाम चार बजे बदरहुंआ नाले पर 71.29 मीटर और डिघिया नाले पर 70.18 मीटर पर आ गया। सोमवार को नदी का जलस्तर दोनों ही खतरा बिंदूओं पर खतरे के निशान से नीचे आ गया। बदरहुंआ नाले पर खतरा बिंदू 71.68 मीटर और डिघिया नाले पर खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। 
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