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आज भी प्रासंगिक हैं मुंशी प्रेमचंद के साहित्य

Wed, 31 Jul 2019 11:48 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 11:48 PM IST
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Munshi Premchand remembered on his birth anniversary
मुंशी प्रेम चंद्र के जन्मदिन के अवसर पर राहुल चिल्ड्रेन स्कूल के बच्चों द्वारा निकाली गई यात्रा? - फोटो : AZAMGARH
अंबारी। गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबारी में बुधवार को मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गयी। कार्यक्रम के संयोजक डा. उदयभान यादव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर चर्चा की।उन्होंने कहा कि आज भी किसान होरी की तरह मजदूर बनने को मजबूर हैं। किसानों, मजदूरों और स्त्रियों की दशा आज भी बेहतर नहीं हो पा रही है। आज का साहित्यकार पीछे पीछे चल रहा है वह राजनीति को प्रभावित नहीं कर पा रहा है। हिंदी विभाग के प्राध्यापक डा. अरुण प्रताप यादव ने प्रेमचंद की कहानियों और उपन्यासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद का साहित्य आज भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डा. आरआर यादव ने हिंदी विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा कि प्रेमचंद हमारे समाज के सजग प्रहरी थे। उनको याद करके हम उनके विचारों से सीख सकते हैं और समाज को दिशा दे सकते हैं। इस मौके पर डा. जय सिंह, डा. नंदलाल चौरसिया, डा. अनूप पांडेय, डा. अनिल सिंह यादव, डा. दीपा वर्मा, डा. पूजा पल्लवी, डा. साधना मौर्या आदि उपस्थित थे।
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अखिल भारतीय प्रगतिशील छात्र मंच के तत्वावधान में बुधवार को राहुल चिल्ड्रेन एकेडमी रैदोपुर में भारत के महान कथाकार और उपन्यासकार सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती का आयोजन किया गया। इस दौरानच्प्रेमचंद्र का साहित्य और आज का समयज्विषय गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रशांत ने मुंशी प्रेमचंद क ा जीवन परिचय दिया ।उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन देश के गरीबों, शोषितों, पीड़ितों, दलितों और महिलाओं की वकालत की। उन्होंने तीन सौ तेरह कहानियां, चौदह उपन्यास और चार नाटक लिकर हिंदी और उर्दू साहित्य के क्षेत्र में असीम सफलता हासिल की। विजय ने कहा कि प्रेमचंद एक ऐसे लेखक थे जो जो गांव, गरीबो के बीच रहकर लेखन का कार्य करते थे। जनता के बीच जाकर उनकी वास्तविकता को जानकर साहित्य की रचना की। संत प्रसाद ने आरटीआई संसोधन, यूएपीए बिल, निजीकरण पर बात रखते हुए कहा कि सरकार जनता के अधिकार खत्म कर रही है। इसके अलावा अवधेश, राहुल, आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सुमन प्रियंका, अमन, श्रेय, उत्तम, सूबेदार, श्यामकेश पाल, अनिकेत, अजीत सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। इसी क्रम में मुंशी प्रेमचंद की 140 जयंती के अवसर पर राहुल चिल्डे्रन एकेडमी में बच्चों द्वारा विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें भाषण और नाटक का मंचन किया गया। इसके साथ ही मंत्र, ठाकुर का कुआं, और कफन के पात्रों की झांकी निकाली गई। इस मौके पर प्रधानाध्यापिका मीनू राय, अरविंद कुमार विश्वकर्मा, एसडी यादव, सरिता तिवारी, कुसुम शर्मा, कंचन राय, रीता प्रजापति आदि उपस्थित रही।
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अखिल भातीय चित्रांश महासभा और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने बुधवार को अलग-अलग स्थानों पर मुंशी प्रेमचंद की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। चित्रांश महासभा ने कालीचौरा िस्थित महासभा के पूर्वांचल अध्यक्ष के आवास पर संस्था के अध्यक्ष सुभाष चंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर डा. शशि भूषण श्रीवास्तव, डा. अशोक, भानू प्रताप श्रीवास्तव, डा. निरंकार, अवधेश लाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। इसी प्रकार कायस्थ महासभा ने एलवल स्थित नवीनचंद्र अस्थाना के आवास पर मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। इस मौके पर संजय अस्थाना, राजेश श्रीवास्तव, मुरलीधर अस्थाना, वैभव वर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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