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Azamgarh News: करोड़ों से बना मुबारकपुर का विपणन केंद्र, सेहदा में विश्राम गृह अब तक बेकार पड़ा

Sat, 07 Dec 2024 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 11:47 PM IST
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Mubarakpur's marketing center built with crores, rest house in Sehda still lying idle
आजमगढ़। जनपद में कई विकास परियोजनाएं और भवन हैं जिनका निर्माण तो वर्षों पहले हुआ। निर्माण के कई साल बीतने के बाद भी यह बेकार पड़े हैं। जिस उद्देश्य से इनका निर्माण किया गया था वह पूरा नहीं हो रहा है। कहीं संसाधनों की कमी है तो कहीं आवंटन न होने से करोड़ों रुपये का भवन बेकार पड़े हैं। कुछ ऐसा ही हाल सेहदा में निर्मित सारस विश्राम गृह और मुबारकपुर में बने विपणन केंद्र का है।
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अभी तक नहीं हो सका बिजली का कनेक्शन

कप्तानगंज। पूर्ववर्ती सपा सरकार में सेहदा में वन विश्राम गृह के निर्माण की योजना बनी थी। 28 अप्रैल 2016 को शिलान्यास हुआ था। 4.99 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह में चार शूट, मिटिंग हाल, काॅन्फ्रेंस रुम, चार हाॅल आदि बनाए गए हैं। सेहदा जंगल लगभग 52 बीघे में फैला हुआ है। शिलान्यास के समय इस वन क्षेत्र में विश्राम गृह के आसपास ही एक सारस पार्क भी बनाए जाने की योजना थी जो अभी पूरी नहीं हो सकी है। तत्कालीन वन मंत्री दारा सिंह चौहान ने विश्राम गृह का लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद से आज तक यह नहीं खुला कारण कि मानव संसाधन का अभाव है। कर्मचारियों की तैनाती नहीं हुई। इसके कारण आज तक इसकी शुरुआत नहीं हो सकी।
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सारस विश्राम गृह का निर्माण तो पूरा हो गया है। लेकिन, अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं हुआ है। कुछ फर्नीचर की कमी है और बाउंड्रीवाल का काम होना है। पहले बाउंड्रीवाल के लिए बजट नहीं मिला था। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। बजट मिलते ही यह कार्य कराकर उसे इस्तेमाल के लिए खोला जाएगा।
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जीडी मिश्रा, डीएफओ।

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बुनकरों की दशा नहीं सुधार सका विपणन केंद्र

अमिलो। मुबारकपुर के बुनकरों को बाजार की समस्या से निजात दिलाने के नाम पर 13 करोड़ रुपये की लागत से बुनकर विपणन केंद्र बना। यह 2015 में बनना शुरू हुआ और 2017 में बनकर तैयार हो गया। सात आठ साल का समय बीत चुका है। इसके बनने से भी बुनकरों की हालत जस की तस है, उसमें कोई सुधार नहीं हुआ।बुनकर इफ्तेखार अहमद ने बताया कि बुनकर विपणन केंद्र में 158 दुकान बनी हैं। इसमें लगभग आधी दुकानें आवंटित कर दी गई हैं। आधी दुकानें खाली हैं। इससे पहले तत्कालीन डीएम विशाल भारद्वाज ने साप्ताहिक बाजार लगाने का खाका तैयार किया था। आदेश भी पारित कर दिया था। लेकिन उनके जाने के बाद एक बार फिर से मामला ठप हो गया।


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शासन को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अब तक कोई आदेश नहीं नहीं आया है। पूर्व डीएम विशाल भारद्वाज मुबारकपुर विपणन केंद्र में साप्ताहिक बाजार लगाने का आदेश दिए थे। इसके संबंध में वाराणसी के आला अधिकारियों को संपर्क कर हालात से अवगत कराया गया। इसके बाद प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया जा चुका है। शासन से जो भी आदेश आएगा उसका पालन किया जाएगा।

अरविंद सिंह, सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग।
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