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बेटे को देख छलक पड़े मां के आंसू : 4 साल बाद परिजनों से मिलीं प्यारी, महोबा से पहुंच गई थी आजमगढ़; जानें मामला
Wed, 20 Nov 2024 11:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 20 Nov 2024 11:41 PM IST
सार
Azamgarh News : आजमगढ़ के वृद्धाश्रम में 75 वर्षीय प्यारी बाई पिछले चार वर्षों से रह रही थी। आश्रम के लोग उनके परिजनों की तलाश में लगे हुए थे। अंतत: उन्हें सफलता मिल गई। परिजनों से प्यारी की बातचीत करवाई गई तो उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। परिजन आजमगढ़ पहुंचे और आश्रम में मां को सही सलामत देख दोनों के आंसू छलक उठे।
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प्यारी बाई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आजमगढ़ के निजामाबाद तहसील क्षेत्र अंतर्गत बघौरा इनामपुर गांव में स्थित वृद्ध आश्रम में रह रही वृद्ध महिला मंगलवार को अपने परिजनों से मिली। वह चार वर्ष से अपने घर से भटक कर दूसरे जिले में चली आई थी। परिजनों ने तलाश किया था लेकिन वह नहीं मिली थी।
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महोबा जिले के थाना अजनर के ग्राम इंद्रहटा निवासी प्यारी बाई (75) पत्नी मल्ला वर्ष 2020 से घर से गायब हो गई थी। परिवार के लोगों द्वारा काफी खोजबीन की गई। जब कहीं पता नहीं चला तो परिजनों ने मिलने की उम्मीद छोड़ दी।
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वहीं दूसरी तरफ प्यारी देवी महोबा से भटकते-भटकते बघौरा इनामपुर गांव में स्थित वृद्ध आश्रम में आ पहुंची। इनकी भाषा वृद्ध जन आवास में रह रहे कर्मचारी नहीं समझ पा रहे थे। यह जग्गू-जग्गू कह कर पुकार करती थी। समाचारों के माध्यम से जानकारी होने पर घर के लोग वृद्धाश्रम पहुंचे। जहां प्यारी बाई से पूछने पर इन्होंने अपने गांव, थाना और जिला के बारे में बताया। जहां उसने थाने पर सम्पर्क किया। इसके बाद प्यारी बाई के घर का पता चला।
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परिजनों को नहीं हुआ विश्वास
परिवार के लोगों को पहले तो भरोसा ही नहीं हुआ। लेकिन वृद्धा आश्रम के अधीक्षक श्याम पांडे के मोबाइल पर बेटे जगदीश और मां प्यारी बाई से बात कराया गया। फोन पर बातचीत होते ही बेटा और मां रोने लगे। जहां मंगलवार को जगदीश वृद्धा आश्रम पहुंचा। अपनी मां को सही सलामत देखकर उसकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।