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Azamgarh News: बांध में 24 से ज्यादा साही होल, तुरंत ठीक कराने के लिए कहा
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लाटघाट। अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड) अरुण सचदेव ने शनिवार को अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ एमजी बांध और इसके 64 रेगुलेटरों का गहन निरीक्षण किया।
48 किलोमीटर लंबे इस बांध का दो किलोमीटर हिस्सा अंबेडकरनगर, 6 किलोमीटर मऊ और 40 किलोमीटर आजमगढ़ जनपद में पड़ता है। निरीक्षण के दौरान बांध में दो दर्जन से अधिक साही होल (छेद) पाए गए, जिन्हें तत्काल ठीक करने के निर्देश सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं को दिए गए।
उन्होंने बांध की देखरेख के लिए पांच सहायक अभियंता और 15 अवर अभियंताओं की तैनाती है। अधिशासी अभियंता ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी रेगुलेटर या साही होल से बाढ़ के दौरान रिसाव होता है, तो संबंधित सहायक और अवर अभियंता जवाबदेह होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अरुण सचदेव ने सहनूपुर बांध का भी निरीक्षण किया और बाढ़ से पहले मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एमजी बांध पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू है, लेकिन इसे और मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बता दें कि बांध में साही होल एक ऐसा छिद्र या छेद है जो बांध के किनारे या तल पर बनाया जाता है।
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यह पानी को नियंत्रित रूप से बांध से बाहर निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल बाढ़ के समय या जरूरत पड़ने पर बांध के अंदर पानी का स्तर घटाने के लिए किया जाता है।
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48 किलोमीटर लंबे इस बांध का दो किलोमीटर हिस्सा अंबेडकरनगर, 6 किलोमीटर मऊ और 40 किलोमीटर आजमगढ़ जनपद में पड़ता है। निरीक्षण के दौरान बांध में दो दर्जन से अधिक साही होल (छेद) पाए गए, जिन्हें तत्काल ठीक करने के निर्देश सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं को दिए गए।
उन्होंने बांध की देखरेख के लिए पांच सहायक अभियंता और 15 अवर अभियंताओं की तैनाती है। अधिशासी अभियंता ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि किसी रेगुलेटर या साही होल से बाढ़ के दौरान रिसाव होता है, तो संबंधित सहायक और अवर अभियंता जवाबदेह होंगे।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अरुण सचदेव ने सहनूपुर बांध का भी निरीक्षण किया और बाढ़ से पहले मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एमजी बांध पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू है, लेकिन इसे और मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। बता दें कि बांध में साही होल एक ऐसा छिद्र या छेद है जो बांध के किनारे या तल पर बनाया जाता है।
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यह पानी को नियंत्रित रूप से बांध से बाहर निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल बाढ़ के समय या जरूरत पड़ने पर बांध के अंदर पानी का स्तर घटाने के लिए किया जाता है।