रानी की सराय। जैव चिकित्सकीय कचरे का निस्तारण खुले में करना घातक हो सकता है। इस पर सर्वोच्च न्यायालय ने प्रतिबंध लगाया है लेकिन रानी की सराय क्षेत्र के सेमरहा हाईवे के पास धड़ल्ले से बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण किया जा रहा है। स्थानीय लोग इसका विरोध करते हैं तो कचरा गिराने वाले उन्हें धमकाने लगते हैं।
रानी की सराय विकास खंड के सेमरहा गांव के पास हाईवे पर लोग रात के अंधेरे में ट्रैक्टर से मेडिकल कचरा फेंककर चले जा रहे हैं। गांव के लोगों ने जब उक्त लोगों को टोका तो उनका कहना था कि तुम लोगों से क्या मतलब हम लोग जहां मन करेगा वहां कचरा फेंकेंगे। जिले में कही भी मेडिकल कचरा निस्तारण की जगह न होने के कारण कुछ निजी अस्पताल कचरे को इधर-उधर चोरी छिपे फेंक दे रहे हैं। इस क्रम में रानी की सराय के सेमरहा गांव के पास हाईवे के किनारे कोई रात के अंधेरे में ट्रैक्टर पर कचरा लाकर वहां फेंक रहा है। बायो मेडिकल वेस्ट खुले में फेंकने संक्रमण और प्रदूषण का खतरा बढ़ा गया है। लोगों का कहना है कि कुछ ट्रैक्टर रात को आते हैं और कचरा फेंक कर चले जा रहे हैं। जिसमें उपयोग में लाए गए सीरिंज, मास्क, ग्लव्स, काटन, पीपीईकिट, दवा की शीशीयां, गाज आदि फेंक रहे हैं। इसके अलावा उक्त कचरे में बच्चों के गंदे डाइपर की तीन से चार बोरी है। लोगों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में दो से तीन बार लोग आए, हम लोगों ने इसका विरोध भी किया, तो उक्त लोगों ने धमकी देते हुए कहा कि अपना काम करों, सड़क के किनारे फेंक रहे हैं तुम लोगों से क्या मतलब। अब वह कौन लोग हैं जो उक्त कचरा वहां फेंककर जा रहे है किसी को कोई जानकारी नहीं है। वहीं सीएमओ डा. आईएन तिवारी का कहना है कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है लेकिन जानकारी हासिल करके कार्रवाई की जाएगी।