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गलत तरीके से विधायक निधि जारी करने पर फंसी कई की गर्दन

Fri, 13 Dec 2019 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 11:21 PM IST
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Many trapped in fraud of MLA funds release
आजमगढ़। सदर तहसील के बसीरपुर गांव स्थित रामनरेश उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को गलत ढ़ंग से विधायक निधि जारी करने के मामले में डीआरडीए के साथ ही कई विभागों के अधिकारियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। डीएम ने इस मामले में कइयों को निलंबित करने, कइयों से स्पष्टीकरण लेने और कइयों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन से की है। वहीं उन्होंने पीडी को विद्यालय के प्रबंधक से वसूली करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
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रामनरेश उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के नाम पर गलत ढ़ंग से विधायक निधि हासिल करने की शिकायत डीएम से हुई थी। इस शिकायत पर डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जांच में कमेटी ने पाया कि विधायक निधि का प्रयोग ऐसे विद्यालय पर किया गया है, जो वास्तव में जमीन पर बना ही नही है। विद्यालय के प्रबंधक उग्रसेन सिंह द्वारा गाटा संख्या- 21 पर 2013-14 में स्कूल की मान्यता ली गयी। जबकि वास्तव में जिस स्कूल से मान्यता ली गयी वह क्यामपुर में संचालित प्राथमिक विद्यालय को दिखाकर मान्यता ली गयी है। इसी के साथ ही उक्त विद्यालय के नाम पर पूर्व विधायक कैलाश यादव द्वारा पांच-पांच लाख रुपये की चार किश्तों में 20 लाख की धनराशि विधायक निधि से स्वीकृत की गयी है। जांच के बाद सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम एनपी सिंह ने तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार मिश्र और तत्कालीन पीडी शिव कुमार पांडेय पर शिथिल पर्यवेक्षण के लिए शासन को स्पष्टीकरण लेने की संस्तुति की। इसके साथ ही तत्कालीन सहायक लेखाकार एके श्रीवास्तव डीआरडीए को निलंबित करने, लेखाकार डीआरडीए एसएम सिंह को आंतरिक लेखा परीक्षा अधिकारी और डीआरडीए के एई एनबी सिंह, जेई अतुल कुमार सिंह के विरुद्घ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति शासन से की। साथ ही गलत ढ़ंग से विद्यालय को मान्यता देने के मामले में डीएम ने तत्कालीन डीआईओएस हरिश्चंद्रनाथ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति शासन से की। साथ ही डीआईओएस कार्यालय के तत्कालीन बाबू अवधेश सिंह को निलंबित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा विद्यालय की जांच कर गलत रिपोर्ट देने वाले लेखपाल को निलंबित करने और कानूनगो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की। तत्कालीन तहसीलदार सदर को भी डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही डीएम ने पीडी अभिमन्यु कुमार सिंह को निर्देश दिया कि वह विद्यालय के प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराते हुए उनके द्वारा ली गई 20 लाख रुपये की विधायक निधि की धनराशि के वसूली की कार्रवाई करें।
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