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Azamgarh News: टिकट बुकिंग के कई अवैध सॉफ्टवेयर ऑनलाइन मौजूद
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आजमगढ़। पलक झपकते ही कई तत्काल टिकट बुक करने के कई अवैध सॉफ्टवेयर ऑनलाइन बाजार में उपलब्ध हैं। विदेशों से संचालित इन वेबसाइट पर कई अवैध सॉफ्टवेयर निशुल्क उपलब्ध हैं। डाउनलोड करने के बावजूद यह सॉफ्टवेयर तब तक काम नहीं करते जब तक आईडी पासवर्ड नहीं भरा जाए। देश में इन वेबसाइट्स के एजेंट यानी सुपर सेलर आईडी पासवर्ड बेचते हैं।
रेलवे टिकट बुकिंग के लिए बनी आईआरसीटीसी की वेबसाइट के सुरक्षा-चक्र को भेदने वाला साफ्टवेयर खुलेआम ऑनलाइन बिक रहा है। यू-ट्यूब पर न सिर्फ इसकी मार्केटिंग की जा रही है बल्कि इसका प्रयोग करने की विधि भी बताई जा रही है। इसका प्रयोग करने वाले लोग यू-ट्यूब देखकर साफ्टवेयर को डाउनलोड करते है। उसका पेमेंट भी ऑनलाइन किया जाता है। अब तक आरपीएफ व सीआईबी टीम द्वारा पकड़े गए अवैध टिकट कारोबारियों के पास से तेज एक्सटेंशन, रेडबुल, प्रो एक्सटेंशन, रेडमिर्ची, एमएसआई तत्काल, कोविड-19 व छोडू एक्सटेंशन नाम के सॉफ्टवेयर बरामद हो चुके है। पूछताछ में वह बता भी चुके है कि उन्हें सॉफ्टवेयर यू-ट्यूब के जरिए मिलता है। यू-ट्यूब पर पूरी जानकारी होती है कैसे उसका प्रयोग किया जाएगा। इसे ऑनलाइन ही खरीदा जाता है पेमेंट भी ऑनलाइन ही होता है। हालांकि इसके पीछे कौन है, कहां रहता है, क्या करता है आदि की कोई जानकारी रेलवे के अधिकारियों को अभी नहीं है।
पहले की अपेक्षा इन दिनों साफ्टवेयर का प्रयोग कम है। त्योहारी के सीजन में बढ़ जाता है। हम लोग भी पूरी निगरानी कर रहे हैं। अब ऊपर से आईडी आएगी तो छापेमारी की जाएगी।
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रमेश चंद मीना, आरपीएफ आजमगढ़।
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रेलवे टिकट बुकिंग के लिए बनी आईआरसीटीसी की वेबसाइट के सुरक्षा-चक्र को भेदने वाला साफ्टवेयर खुलेआम ऑनलाइन बिक रहा है। यू-ट्यूब पर न सिर्फ इसकी मार्केटिंग की जा रही है बल्कि इसका प्रयोग करने की विधि भी बताई जा रही है। इसका प्रयोग करने वाले लोग यू-ट्यूब देखकर साफ्टवेयर को डाउनलोड करते है। उसका पेमेंट भी ऑनलाइन किया जाता है। अब तक आरपीएफ व सीआईबी टीम द्वारा पकड़े गए अवैध टिकट कारोबारियों के पास से तेज एक्सटेंशन, रेडबुल, प्रो एक्सटेंशन, रेडमिर्ची, एमएसआई तत्काल, कोविड-19 व छोडू एक्सटेंशन नाम के सॉफ्टवेयर बरामद हो चुके है। पूछताछ में वह बता भी चुके है कि उन्हें सॉफ्टवेयर यू-ट्यूब के जरिए मिलता है। यू-ट्यूब पर पूरी जानकारी होती है कैसे उसका प्रयोग किया जाएगा। इसे ऑनलाइन ही खरीदा जाता है पेमेंट भी ऑनलाइन ही होता है। हालांकि इसके पीछे कौन है, कहां रहता है, क्या करता है आदि की कोई जानकारी रेलवे के अधिकारियों को अभी नहीं है।
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पहले की अपेक्षा इन दिनों साफ्टवेयर का प्रयोग कम है। त्योहारी के सीजन में बढ़ जाता है। हम लोग भी पूरी निगरानी कर रहे हैं। अब ऊपर से आईडी आएगी तो छापेमारी की जाएगी।
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रमेश चंद मीना, आरपीएफ आजमगढ़।