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शुल्क वसूली में मंडी परिषद की लंबी छलांग
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jan 2018 11:42 PM IST
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आजमगढ़। निजाम बदलने के साथ ही मंडी परिषद आजमगढ़ डिवीजन ने मंडी शुल्क वसूली में रिकार्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की है। मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 111 प्रतिशत की वसूली मंडी परिषद ने किया है। आजमगढ़ डिवीजन के अंतर्गत सात मंडियां आती है। जिसमें रसड़ा मंडी वसूली में पहले स्थान पर है। आजमगढ़ मंडी को चौथा स्थान मिला है।
पिछल दिनों धान खरीद में लापरवाही के आरोप में शासन ने तत्कालीन उप निदेशक मंडी प्रशासन को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद वाराणसी हिमांशु त्रिपाठी के आजमगढ़ का भी चार्ज दे दिया। डीडी मंडी हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। आजमगढ़ मंडी परिषद की वसूली में 111 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
आजमगढ़ मंडी परिषद के अंतर्गत सात मंडियां आती है। जिसमें रसड़ा की ग्रोथ सबसे बेहतर है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 319.63 प्रतिशत की वसूली हुई है। वहीं 237.80 प्रतिशत के साथ दोहरीघाट मंडी दूसरे, 114.54 प्रतिशत वृद्धि के साथ बलिया मंडी तीसरे स्थान पर रही। आजमगढ़ मंडी ने 109.68 और चितबड़ा गांव मंडी ने 108.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कोपागंज व बेल्थरारोड मंडी वसूली में लक्ष्य पूरा नहीं कर सकी है।
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उन्होंने बताया कि मंडी परिषद आजमगढ़ के अंतर्गत आने वाले सभी सात मंडियों में दिसंबर 2016 तक 76.93 लाख की वसूली हुई थी। जो दिसंबर 2017 में बढ़ कर 1.08 करोड़ हो गई है। मंडी परिषद की सालाना वसूली में 40 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क वसूली पर शासन की पैनी नजर है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हो रहा है। जहां कहीं भी वसूली में गड़बड़ी सामने आती है वहां सख्त कार्रवाई हो रही है। जिसके चलते ही शुल्क वसूली में मंडी परिषद आजमगढ़ का रिकार्ड बेहतर हुआ है। आने वाले समय में इस ग्रोथ में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
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पिछल दिनों धान खरीद में लापरवाही के आरोप में शासन ने तत्कालीन उप निदेशक मंडी प्रशासन को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उप निदेशक प्रशासन मंडी परिषद वाराणसी हिमांशु त्रिपाठी के आजमगढ़ का भी चार्ज दे दिया। डीडी मंडी हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। आजमगढ़ मंडी परिषद की वसूली में 111 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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आजमगढ़ मंडी परिषद के अंतर्गत सात मंडियां आती है। जिसमें रसड़ा की ग्रोथ सबसे बेहतर है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 319.63 प्रतिशत की वसूली हुई है। वहीं 237.80 प्रतिशत के साथ दोहरीघाट मंडी दूसरे, 114.54 प्रतिशत वृद्धि के साथ बलिया मंडी तीसरे स्थान पर रही। आजमगढ़ मंडी ने 109.68 और चितबड़ा गांव मंडी ने 108.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कोपागंज व बेल्थरारोड मंडी वसूली में लक्ष्य पूरा नहीं कर सकी है।
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उन्होंने बताया कि मंडी परिषद आजमगढ़ के अंतर्गत आने वाले सभी सात मंडियों में दिसंबर 2016 तक 76.93 लाख की वसूली हुई थी। जो दिसंबर 2017 में बढ़ कर 1.08 करोड़ हो गई है। मंडी परिषद की सालाना वसूली में 40 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि मंडी शुल्क वसूली पर शासन की पैनी नजर है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हो रहा है। जहां कहीं भी वसूली में गड़बड़ी सामने आती है वहां सख्त कार्रवाई हो रही है। जिसके चलते ही शुल्क वसूली में मंडी परिषद आजमगढ़ का रिकार्ड बेहतर हुआ है। आने वाले समय में इस ग्रोथ में और वृद्धि होने की उम्मीद है।