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Azamgarh News: रामनगर में हाथी के हमले में घायल महावत की मौत
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मृतक महावत घपलू की फाइल फोटो। संवाद
वाराणसी के रामनगर में मेले के दौरान हाथी के हमले में घायल आजमगढ़ के विशुनपुर गांव निवासी महावत घपलू उर्फ छपलू (35) की इलाज के दौरान मौत हो गई।
संक्रमण फैलने के कारण उन्हें अपना बायां पैर भी गंवाना पड़ा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम प्रधान उमेश पाल ने बताया कि घपलू, असवनिया गांव निवासी शिवली सिंह के हाथी की देखभाल करते थे। वह नवरात्र के दौरान हाथी लेकर वाराणसी गए थे। वहां रामनगर में रहकर वे मेले में हाथी घुमाने और लोगों को उस पर बैठाने का काम करते थे, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता था।
18 अक्तूबर को हाथी को नहलाने ले जाते समय हाथी अचानक उग्र हो गया और घपलू पर हमला कर दिया। अन्य महावतों की मदद से उन्हें हाथी से अलग कराया गया, लेकिन हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
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उपचार के लिए बीएचयू में भर्ती कराए जाने के बाद आर्थिक तंगी के चलते उन्हें आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। घाव में संक्रमण फैलने पर 21 अक्तूबर को डॉक्टरों को उनका बायां पैर काटना पड़ा। इसके बावजूद संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका और 22 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई।
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संक्रमण फैलने के कारण उन्हें अपना बायां पैर भी गंवाना पड़ा, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम प्रधान उमेश पाल ने बताया कि घपलू, असवनिया गांव निवासी शिवली सिंह के हाथी की देखभाल करते थे। वह नवरात्र के दौरान हाथी लेकर वाराणसी गए थे। वहां रामनगर में रहकर वे मेले में हाथी घुमाने और लोगों को उस पर बैठाने का काम करते थे, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता था।
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18 अक्तूबर को हाथी को नहलाने ले जाते समय हाथी अचानक उग्र हो गया और घपलू पर हमला कर दिया। अन्य महावतों की मदद से उन्हें हाथी से अलग कराया गया, लेकिन हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
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उपचार के लिए बीएचयू में भर्ती कराए जाने के बाद आर्थिक तंगी के चलते उन्हें आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। घाव में संक्रमण फैलने पर 21 अक्तूबर को डॉक्टरों को उनका बायां पैर काटना पड़ा। इसके बावजूद संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सका और 22 अक्तूबर को उनकी मौत हो गई।