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Azamgarh News: समइसा में पुराने खड़ंजे पर करा लिया 5.57 लाख रुपये का भुगतान
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पवई के समइसा गांव में लगा पुराना खडंजा। संवाद
पवई विकास खंड की ग्राम पंचायत समइसा में पिछले वर्षों में मनरेगा के तहत कराए गए खड़ंजे के काम पर 5.57 लाख रुपये का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है।
विकास खंड की ग्राम पंचायत समइसा में सरफुद्दीन के खेत से राधेश्याम के खेत तक खड़ंजा निर्माण कार्य के लिए 5,58,506 रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया। वीबीजी-रामजी पोर्टल पर इस काम को 11 सितंबर को शुरू होना दिखाया गया है।
इस पर अभी तक 5,57,714 रुपये का भुगतान हो गया है, जबकि मौके पर खड़ंजा पुराना है। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले कई वर्षों में इस पर कोई काम नहीं कराया गया है।
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यानी यह काम कई वर्ष पुराना है, जबकि वीबीजी-रामजी के तहत पुराने खड़ंजे पर ही धनराशि खर्च किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार, खड़ंजे के अंतिम छोर पर करीब 50 मीटर तक हाल में काम कराया गया है।
-- -लोग बोले
इस पुराने खड़ंजे की कुछ दूरी तक ईंटें उखाड़कर फिर उन्हीं पुरानी ईंटों से खड़ंजा लगा दिया गया। कुछ दूरी तक नई ईंटें भी लगाई गई हैं। जबकि यह खड़ंजा कई साल पहले बनाया गया था। -बदरुद्दीन, स्थानीय निवासी
मनरेगा की तरह ही वीबीजी-रामजी में भी पुराने कामों को नया दिखाकर गड़बड़ी किए जाने का आरोप है। कागजों पर तो विकास हो जाता है, लेकिन धरातल पर काम हुआ है या नहीं, इसका सत्यापन नहीं कराया जाता। -रविंद्र गुप्ता, स्थानीय निवासी
-- -वर्जन
काम पूरा होने के बाद सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भुगतान किया जाता है। यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। यदि पुराने काम पर भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई की जाएगी। -संतोष कुमार, बीडीओ
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विकास खंड की ग्राम पंचायत समइसा में सरफुद्दीन के खेत से राधेश्याम के खेत तक खड़ंजा निर्माण कार्य के लिए 5,58,506 रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया। वीबीजी-रामजी पोर्टल पर इस काम को 11 सितंबर को शुरू होना दिखाया गया है।
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इस पर अभी तक 5,57,714 रुपये का भुगतान हो गया है, जबकि मौके पर खड़ंजा पुराना है। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले कई वर्षों में इस पर कोई काम नहीं कराया गया है।
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यानी यह काम कई वर्ष पुराना है, जबकि वीबीजी-रामजी के तहत पुराने खड़ंजे पर ही धनराशि खर्च किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार, खड़ंजे के अंतिम छोर पर करीब 50 मीटर तक हाल में काम कराया गया है।
इस पुराने खड़ंजे की कुछ दूरी तक ईंटें उखाड़कर फिर उन्हीं पुरानी ईंटों से खड़ंजा लगा दिया गया। कुछ दूरी तक नई ईंटें भी लगाई गई हैं। जबकि यह खड़ंजा कई साल पहले बनाया गया था। -बदरुद्दीन, स्थानीय निवासी
मनरेगा की तरह ही वीबीजी-रामजी में भी पुराने कामों को नया दिखाकर गड़बड़ी किए जाने का आरोप है। कागजों पर तो विकास हो जाता है, लेकिन धरातल पर काम हुआ है या नहीं, इसका सत्यापन नहीं कराया जाता। -रविंद्र गुप्ता, स्थानीय निवासी
काम पूरा होने के बाद सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर भुगतान किया जाता है। यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। यदि पुराने काम पर भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई की जाएगी। -संतोष कुमार, बीडीओ