{"_id":"6256d56845d4e57d1717b833","slug":"mafia-mukhtar-ansari-virtual-hearing-in-mp-mla-court-azamgarh-charges-may-be-fixed-on-27-april-in-murder-case","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़: एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई मुख्तार की वर्चुअल पेशी, तरवां मर्डर मामले में 27 को आरोप हो सकता है तय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़: एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई मुख्तार की वर्चुअल पेशी, तरवां मर्डर मामले में 27 को आरोप हो सकता है तय
Wed, 13 Apr 2022 07:21 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 13 Apr 2022 07:21 PM IST
सार
आजमगढ़ एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर तीन में बुधवार को बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की वर्चुअल पेशी हुई। तरवां मर्डर मामले में मुख्तार समेत 11 नामजद अभियुक्तों की सुनवाई हो रही है।
विज्ञापन
मुख्तार अंसारी
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की बुधवार को आजमगढ़ एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर तीन में वर्चुअल पेशी हुई। तरवां मर्डर मामले में मुख्तार समेत 11 नामजद अभियुक्तों की सुनवाई हो रही है। बुधवार को मुख्तार गिरोह के श्यामबाबू पासी की पेशी न हो पाने से मुकदमे की सुनवाई अब 27 अप्रैल तय की गई है।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने बताया कि श्याम बाबू पासी के पेश न होने से 27 अप्रैल की अगली तारीख नियत कर दी गई है। हाल ही में इस मामले में फरार चल रहे अनुज कन्नौजिया के मकान को आजमगढ़ पुलिस और मऊ प्रशासन की संयुक्त टीम से ध्वस्त किया था। अनुज के चलते इस मुकदमे में अब तक फैसला नहीं हो सका है। लेकिन अब न्यायालय ने अनुज की फाइल को अलग कर दिया है। जिससे संभावना जताई जा रही है कि 27 अप्रैल को माफिया मुख्तार समेत अन्य पर आरोप तय हो सकता है।
विज्ञापन
2014 में तरवां थाना क्षेत्र के एराकला गांव में सड़क निर्माण के ठेके को लेकर वर्चस्व की जंग हुई थी। मुख्तार गैंग के लोगों ने ठेकेदार पर फायरिंग की। जिसमें ठेकेदार तो बाल-बाल बच गया, लेकिन दो मजदूरों को गोली लगी थी। इलाज के दौरान एक मजदूर मौत हो गई थी। इस मामले में मुख्तार समेत 11 को नामजद किया गया।
विज्ञापन
बाद में मुख्तार समेत सभी अभियुक्तों पर गैंगस्टर भी लगा दिया गया। इस मामले की सुनवाई पहले जनपद न्यायालय में हो रही थी। कुछ दिनों पूर्व मामला एमपी एमएलए कोर्ट में भेज दिया गया। वर्तमान में हाईकोर्ट ने जनपद न्यायालय के कोर्ट नंबर तीन को एमपी-एमएलए कोर्ट के रूप में नामित किया है।