लोकसभा चुनाव 2024: सपा के गढ़ पहुंचे एमपी के सीएम मोहन यादव, बोले- यूपी और आजमगढ़ से है मेरा खास नाता
मीडिया से बात करते हुए मोहन यादव ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा दोनों में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है। लोग भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। मुझे खुशी है कि मैं यहां सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद हूं।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की कमान संभालेंगे। इसके मद्देनजर वह मंगलवार को समाजवादी पार्टी के गढ़ आजमगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि विधानसभा और लोकसभा दोनों में भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा है। लोग भाजपा में शामिल होना चाहते हैं। मुझे खुशी है कि मैं यहां सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद हूं। उत्तर प्रदेस और आजगढ़ से मेरा खास रिश्ता रहा है। इससे पहले सीएम मोहन यादव आजमगढ़ क्लस्टर के अंर्तगत आने वाली आजमगढ़-लालगंज-घोसी-बलिया और सलेमपुर समेत पांच लोकसभा क्षेत्रों के पार्टी पदाधिकारियों की बैठकों में शामिल हुए।
#WATCH | Azamgarh: Madhya Pradesh CM Mohan Yadav says, "BJP's vote percentage to increase in every Vidhan Sabha & Lok Sabha, people should join BJP a campaign is going on for this...I am very happy being here with all the party workers...I also have a special relationship with… pic.twitter.com/CFWWqVzaBk
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) February 13, 2024विज्ञापन
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण से पूरे देश को लीड कर रहा उप्र
मोहन यादव ने कहा कि जबसे अयोध्या में राममंदिर का निर्माण हुआ है उप्र पूरे देश को लीड कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृतित्व को देखते हुए जनता का विश्वास उन पर बढ़ा है। इसलिए जनता भी तय कर चुकी है तीसरी बार मोदी सरकार। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्धारित प्रवास कार्यक्रम के तहत यहां आए हैं। यहां उप्र में जिस तरह से कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने को मिल रहा है वह खुशी की बात है। यहां के कार्यकर्ताओं को जो जिम्मेदारी मिली है वह उसका पूर्ण मनोयोग से निर्वहन कर रहे हैं। एक फिर मोदी सरकार बनाने के लिए हम कृतसंकल्पित है। अध्योध्या में राममंदिर बनने के बाद उप्र आज पूरे देश को लीड कर रहा है। जिस तरह से हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्य किया है वह लोगों के बीच विश्वास का एक चेहरा बने हैं। जनता ने इसलिए तय किया है कि तीसरी बार मोदी सरकार। भले ही मैं एक राज्य का मुख्यमंत्री हूं लेकिन मेरा मूलभाव कार्यकर्ता हैं। एक कार्यकर्ता की तरह ही मैं यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के निर्देश पर आया हूं।
यादव वोटरों पर भाजपा की नजर
आजमगढ़ क्लस्टर में शामिल पांच लोकसभा सीटों में यादव मतदाताओं की बड़ी संख्या हैं। एमपी के सीएम मोहन यादव के जरिये भाजपा संदेश देना चाहती है कि पार्टी में सामान्य यादव परिवार के व्यक्ति को मुख्यमंत्री का पद दिया गया है। पार्टी के दरवाजे यादव समाज के लिए खुले हैं। पार्टी बताएगी कि यादव समाज के नेताओं का राजनीतिक भविष्य भाजपा में ही सुरक्षित है।
यूपी इन जिलों में करेंगे दौरा
भाजपा ने पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत चुनावों से पहले मोहन यादव का प्रदेश के यादव बहुल इलाकों में चुनावी दौरा शुरू कराया है। सूत्रों के मुताबिक मोहन आने वाले दिनों में मैनपुरी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद सहित आलू पट्टी के अन्य यादव बहुल जिलों में भी चुनावी दौरा करेंगे। उनका पहला ही कार्यक्रम सपा प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार की परंपरागत लोकसभा सीट मानी जाने वाले आजमगढ़ में रखा गया है। सपा संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव व पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां से सांसद रहे हैं। सपा से रमाकांत यादव भी आजमगढ़ से सांसद रहे हैं, हालांकि रमाकांत 2009 में भाजपा से भी आजमगढ़ से सांसद रहे हैं। हालांकि, 2022 में हुए उपचुनाव में सपा ने धमेंद्र यादव को मैदान में उतारा था, लेकिन भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ ने उन्हें हरा दिया था।
सुल्तानपुर में है मोहन यादव की ससुराल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का विवाह यूपी के सुल्तानपुर निवासी ब्रह्मादीन यादव की बेटी सीमा यादव से 1994 में उज्जैन में हुआ था। ब्रह्मादीन मूलतः अंबेडकर नगर की भीटी तहसील स्थित कोर्रा डडवा गांव के निवासी हैं। लेकिन उनका परिवार सालों पहले सुल्तानपुर शिफ्ट हो गया था।
भाजपा का लक्ष्य है 400 पार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 400 सीटों का लक्ष्य रखा है। इसी लक्ष्य पूर्ति के उद्देश्य से भाजपा ने देशभर में लोकसभा क्षेत्रों को क्लस्टर के रूप में बांटा है। पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी क्लस्टर स्तर पर जाकर बैठकें लेकर कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे रहे हैं। इसी तारतम्य में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यूपी के आजमगढ़ क्लस्टर के अंर्तगत आने वाले पांच लोकसभा क्षेत्रों में बैठकें लेंगे।