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Azamgarh News: शर्तो से घाटे का सौदा, अनुबंध को नहीं मिल रही बसें

Wed, 28 Dec 2022 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Dec 2022 11:15 PM IST
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Loss deal with conditions, buses are not getting the contract
आजमगढ़। डग्गामारी बंद कराने के लिए परिवहन व रोडवेज विभाग ने निजी बसों को अनुबंध कर अलग-अलग रूटों पर चलाने पर पहल शुरू की है। मगर निजी बस संचालक विभागीय शर्तों में घाटे का सौदा महसूस कर अनुबंध के लिए तैयार नहीं है। जिससे विभाग की पहल पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कारण कि अभी तक करीब 20 बसों का अनुबंध हो सका है।
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यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने डग्गामारी पर शिकंजा कसा है। परिवहन विभाग को निर्देश दे रखे हैं कि जिले में डग्गामारी करने वाले वाहनों को विभाग से अनुबंध कर अलग-अलग रूटों पर सुविधा के अनुसार संचालन कराया जाए। इसको लेकर एआरटीओ से बसों की उपलब्धता और यात्रियों की संख्या के अनुरूप रूट चिंहित कराए गए। जिन रूटों पर बसों का संचालन जरूरी था, इसकी रिपोर्ट बनाकर रोडवेज विभाग को दे दी गई। दोनों ही विभाग के अधिकारियों ने बस संचालकों के साथ बात करके उन्हें नियम व शर्तें बता कर बसों का अनुबंध कर चलाने पर जोर दिया। कुछ बस संचालकों का कहना है कि जिन शर्तों पर रोडवेज विभाग बसों का संचालन कराना चाहता है, उससे उनका खर्च निकल पाना भी मुश्किल है।
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ये शर्तें बढ़ा रही परेशानी
आजमगढ़। रोडवेज में जिन बसों का अनुबंध किया जाना है उनमें कई नियम व शर्तें बस संचालकों को बताई गई हैं। जिसमें बस पांच वर्ष से पुरानी न हो। सरकारी मानक के अनुसार बस के बाडी बनी हो। फिटनेस, बीमा, रोड टैक्स आदि परिवहन कार्यालय से पूरा हो। प्रशिक्षित चालक होना अनिवार्य है। डीजल के स्वयं व डिपो से भी ले सकते हैं। रूट पर यदि कम सवारियां मिली तो बस संचालकों का नुकसान होगा।
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अनुबंध के लिए बस संचालकों के साथ बैठक हो चुकी है। नियमों में कुछ फेरबदल होगा कि नहीं इसके बारे में जानकारी नहीं है। बस संचालकों को सरकारी फायदे बताते हुए अनुबंध कराने के लिए आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है।
केसरी नंदन चौधरी, आरएम आजमगढ़।
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