आजमगढ़। डीएम राजेश कुमार ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उसका समाधान किया जाएगा। मनमानी करने वाले तहसीलदार व नायब तहसीलदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि एडीएम प्रशासन से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नकल, नक्शा तथा खतौनी एवं अभिलेखों की मांग किए जाने पर उसी दिन तारीख निश्चित कर दिया जाए। एक रजिस्टर बना लें, जिसमें अधिवक्ता की मांग को दर्ज किया जाए। दावे के निस्तारण एवं दाखिल खारिज को प्राथमिकता से निस्तारित करें। तहसीलदार प्रत्येक कार्य की सूची बनाएं, जिसमें पत्रावलियों के आने-जाने एवं निस्तारण की तारीख दर्ज की जाए। रिकार्ड रूम की फाइलों एवं अन्य पत्रावलियों को सुरक्षित रखने के लिए बाइडिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। डीएम ने पत्रावलियों के गायब होने पर संबंधित अधिकारी व कर्मचारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने एसडीएम से अधिवक्ताओं की मांग से संबंधित प्रकरण की जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कहा कि आवश्यकतानुसार कंप्यूटर आपरेटर बढ़ा लें। सभी कार्य आनलाइन कर दिया जाए। इस पर मौके पर सीआरओ हरी शंकर, एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व आजाद भगत सिंह, एसडीएम बूढ़नपुर तथा अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।