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जानलेवा हमला करने वाले को उम्रकैद
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अनुसूचित जाति के एक व्यक्ति के ऊपर हुए जानलेवा हमला करने के दोषी को अदालत ने 30 हजार रुपये अर्थदंड के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई। जब कि इसी मुकदमे के एक अन्य आरोपी रामनाथ की मुकदमा कार्यवाही के दौरान मौत हो चुकी थी।
मंगलवार को यह सजा एसएसी एसटी एक्ट शिवचंद की अदालत ने सुनाई। घटना जहानागंज थाना अंतर्गत है।
मामले में डीहा गांव निवासी घायल शिवपूजन पुत्र हरगुन राम ने 26 नवंबर 1999 में स्थानीय थाने में शंकर पुत्र कन्नू यादव व रामनाथ पुत्र रामबली यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमे में आरोप है कि घटना की रात लगभग आठ बजे वादी घर से शौच करने के लिए खेत की तरफ निकला था। कुछ दूर जाने के बाद शंकर और रामनाथ आ गए। जातिसूचक गालियां देते जान मारने की नियत से चाकू मारने लगे। शोर की आवाज पर उसका लड़का विजय शंकर और भाई रामकुंज आदि को आते हुए देख घटना स्थल से भाग गए। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से परैवी कर रहे अभियोजन अधिकारी मानिकचंद्र यादव ने इस मुकदमे के वादी सहित कुल छह गवाहों को अदालत में पेश कियाऔर तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त शंकर यादव को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम व हत्या प्रयास का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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मंगलवार को यह सजा एसएसी एसटी एक्ट शिवचंद की अदालत ने सुनाई। घटना जहानागंज थाना अंतर्गत है।
मामले में डीहा गांव निवासी घायल शिवपूजन पुत्र हरगुन राम ने 26 नवंबर 1999 में स्थानीय थाने में शंकर पुत्र कन्नू यादव व रामनाथ पुत्र रामबली यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकदमे में आरोप है कि घटना की रात लगभग आठ बजे वादी घर से शौच करने के लिए खेत की तरफ निकला था। कुछ दूर जाने के बाद शंकर और रामनाथ आ गए। जातिसूचक गालियां देते जान मारने की नियत से चाकू मारने लगे। शोर की आवाज पर उसका लड़का विजय शंकर और भाई रामकुंज आदि को आते हुए देख घटना स्थल से भाग गए। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से परैवी कर रहे अभियोजन अधिकारी मानिकचंद्र यादव ने इस मुकदमे के वादी सहित कुल छह गवाहों को अदालत में पेश कियाऔर तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद अभियुक्त शंकर यादव को अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम व हत्या प्रयास का दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया।
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