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यात्रियों का अभाव 40 फीसदी बसें ही हो रही संचालित, हर महीने 30 लाख का नुकसान
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बस स्टेशन पर यात्रियों को ले जाने के लिए खड़ा बसें।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। कोरोना संक्रमण की शुरूआत के साथ प्रभावित हुई रोडवेज सेवा अब तक सुधर नहीं सकी है। आजमगढ़ रीजन के सात डिपो से जहां सामान्य दिनों में 400 बसों का संचालन होता था वहीं यात्रियों के आभाव में मात्र डेढ़ से पौने दो सौ बसों का ही संचालन महकमा कर रहा है। आमदनी में भारी गिरावट के चलते रोडवेज प्रशासन के हौसले पस्त होने लगे है। विभागीय सूत्रों की माने तो वर्तमान स्थिति में रोडवेज प्रशासन अपने कर्मचारियों को वेतन दे पाने की स्थिति में भी नहीं है।
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आजमगढ़ के अंतर्गत सात डिपो आते है। जिसमें आजमगढ़ के दो आजमगढ़ डिपो व डॉ. अंबेडकर डिपो के अलावा, मऊ डिपो, दोहरीघाट डिपो, बलिया डिपो, बेल्थरा रोड डिपो व जौनपुर जिले का शाहगंज डिपो शामिल है। इन सभी सात डिपो के माध्यम से कुल चार सौ बसों का संचालन प्रतिदिन सामान्य दिनों में किया जाता था। कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च से 31 मई तक चले लॉकडाउन के दौरान रोडवेज की सेवा भी पूरी तरह से लॉक थी। सिर्फ बाहर से आने वाले प्रवासियों को शेल्टर होम अथवा उनके जिलो तक छोड़ने के लिए रोडवेज बसों का प्रयोग होता था। एक जून से रोडवेज की सेवा शुरू जरूर हो गई है लेकिन अब तक पटरी पर नहीं आई है। मात्र 40 प्रतिशत बसे ही संचालित की जा रही है। वहीं सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 50 हजार यात्री बसों से यात्रा करते थे आज इनकी संख्या 17 से 18 हजार में ही सिमट कर रह गई है। यात्रियों की कम संख्या के चलते आय भी प्रभावित हुआ है। आजमगढ़ रीजन के सभी सात डिपो की प्रतिदिन की आय पूर्व में जहां 45 लाख हुआ करती थी वह घट कर मात्र 15 लाख पर सिमट गई है।
यात्रियों के आभाव में कैंसिल हो रही एसी बस
आजमगढ़। जिले से लगभग हर रूट पर एक या दो एसी बस संचालित होती है। लेकिन वर्तमान में सवारी न होने के चलते मात्र लखनऊ रूट पर एक एसी बस का संचालन रोडवेज प्रशासन कर रहा है। इसमें भी जब मानक के अनुरूप सवारियां नहीं होती है तो उसे कैंसिल कर दिया जाता है। सोमवार को मात्र तीन सवारियां ही थी, जिसके चलते एसी बस नहीं भेजी गई। वहीं मंगलवार को भी दो से तीन ही यात्रियों ने टिकट बुक किया था। जिसके चलते मंगलवार को भी एसी बस कैंसिल होने की संभावना बन रही थी।
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दिल्ली-लखनऊ रूट पर नहीं मिल रही सवारी
आजमगढ़। दिल्ली व लखनऊ रूट पर सबसे अधिक बसें आजमगढ़ परिक्षेत्र से संचालित होती थी और सबसे अधिक यात्री भी इसी रूट पर मिलते थे लेकिन अब दिल्ली व लखनऊ रूट पर यात्रियों का जैसे टोटा पड़ा हुआ है। रोडवेज प्रशासन प्रतिदिन इन रूट पर बसे लगाता है लेकिन पर्याप्त यात्री न मिलने पर बसों को रोक दिया जाता है।
बहुत बुरा हाल है, किसी भी रूट पर बसों को संचालित करने के लिए पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल रहे है। जिसके चलते प्रतिदिन बसों को निकलने के बाद वापस लेन पड़ रहा है। जो स्थिति है उसमें तो कर्मचारियों के वेतन भर का इंकम होता नजर नहीं आ रहा है। - पीके तिवारी, आरएम, रोडवेज, आजमगढ़।
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क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आजमगढ़ के अंतर्गत सात डिपो आते है। जिसमें आजमगढ़ के दो आजमगढ़ डिपो व डॉ. अंबेडकर डिपो के अलावा, मऊ डिपो, दोहरीघाट डिपो, बलिया डिपो, बेल्थरा रोड डिपो व जौनपुर जिले का शाहगंज डिपो शामिल है। इन सभी सात डिपो के माध्यम से कुल चार सौ बसों का संचालन प्रतिदिन सामान्य दिनों में किया जाता था। कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च से 31 मई तक चले लॉकडाउन के दौरान रोडवेज की सेवा भी पूरी तरह से लॉक थी। सिर्फ बाहर से आने वाले प्रवासियों को शेल्टर होम अथवा उनके जिलो तक छोड़ने के लिए रोडवेज बसों का प्रयोग होता था। एक जून से रोडवेज की सेवा शुरू जरूर हो गई है लेकिन अब तक पटरी पर नहीं आई है। मात्र 40 प्रतिशत बसे ही संचालित की जा रही है। वहीं सामान्य दिनों में जहां प्रतिदिन 50 हजार यात्री बसों से यात्रा करते थे आज इनकी संख्या 17 से 18 हजार में ही सिमट कर रह गई है। यात्रियों की कम संख्या के चलते आय भी प्रभावित हुआ है। आजमगढ़ रीजन के सभी सात डिपो की प्रतिदिन की आय पूर्व में जहां 45 लाख हुआ करती थी वह घट कर मात्र 15 लाख पर सिमट गई है।
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यात्रियों के आभाव में कैंसिल हो रही एसी बस
आजमगढ़। जिले से लगभग हर रूट पर एक या दो एसी बस संचालित होती है। लेकिन वर्तमान में सवारी न होने के चलते मात्र लखनऊ रूट पर एक एसी बस का संचालन रोडवेज प्रशासन कर रहा है। इसमें भी जब मानक के अनुरूप सवारियां नहीं होती है तो उसे कैंसिल कर दिया जाता है। सोमवार को मात्र तीन सवारियां ही थी, जिसके चलते एसी बस नहीं भेजी गई। वहीं मंगलवार को भी दो से तीन ही यात्रियों ने टिकट बुक किया था। जिसके चलते मंगलवार को भी एसी बस कैंसिल होने की संभावना बन रही थी।
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दिल्ली-लखनऊ रूट पर नहीं मिल रही सवारी
आजमगढ़। दिल्ली व लखनऊ रूट पर सबसे अधिक बसें आजमगढ़ परिक्षेत्र से संचालित होती थी और सबसे अधिक यात्री भी इसी रूट पर मिलते थे लेकिन अब दिल्ली व लखनऊ रूट पर यात्रियों का जैसे टोटा पड़ा हुआ है। रोडवेज प्रशासन प्रतिदिन इन रूट पर बसे लगाता है लेकिन पर्याप्त यात्री न मिलने पर बसों को रोक दिया जाता है।
बहुत बुरा हाल है, किसी भी रूट पर बसों को संचालित करने के लिए पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल रहे है। जिसके चलते प्रतिदिन बसों को निकलने के बाद वापस लेन पड़ रहा है। जो स्थिति है उसमें तो कर्मचारियों के वेतन भर का इंकम होता नजर नहीं आ रहा है। - पीके तिवारी, आरएम, रोडवेज, आजमगढ़।