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बादशाह कभी झूठ नहीं बोलता
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 07 Feb 2015 12:40 AM IST
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सठियांव चीनी मिल परिसर में आयोजित जनसभा को नगर विकास मंत्री आजम खां ने अपने व्यंग्यात्मक अंदाज में संबोधित किया।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन्हें आडे़ हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि किसी देश का बादशाह कभी झूठ नहीं बोलता, सब्र करो, जल्द ही रुपये मिलेंगे क्योंकि झूठ बोलने वाला देश का बादशाह नहीं, लेकिन बदकिस्मती है इस देश की जनता की, कि ठग ली गई।
आजम खां ने कहा कि गुरुवार को दिल्ली में भाजपा की तरफ से जनसभा का आयोजन किया गया। काला जादू दिखाना पड़ा, तब जाकर वजीरेआला का आगमन हुआ। बोले, कालाजादू का असर थोड़े समय के लिए होता है, मुलायम की तरफ इशारा करके बोले असली जादू यहां है, ये बैठा है। जो इंसानों के सर पर चढ़कर बोलने लगता है।
बीते दिनों मुलायम को ढूंढ़ने वालों पर कटाक्ष करते हुए आजम खां ने कहा कि बहुत नादान थे वे लोग जो मुलायम को ढूंढ़ने निकले, उन पर अफसोस है, अपने दिल में झांकते तो उन्हें उनका नेता उनके दिल की धड़कनों में मिल जाता। क्योंकि वह तुम्हारी खुशियों, तुम्हारी मुसकराहट और आंसुओं में समाया है।
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भरोसा करों, देश ने जिन पर भरोसा जताया वे उनमें से हैं जो 1947 में देश आजाद होने पर रात के अंधेरे में गंगा और यमुना के पानी को लाल करने का काम किए। उजाला होने पर पाकिस्तान चले गए। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर तंज कसते हुए बोले सात समुंदर पार से आया काला फिरंगी, जिसको हीरे-जवाहरात जैसे उपहार दिए गए, जाते-जाते आपसी समरसता का सबक दे गया।
इतना ही नहीं कहा कि ऐसा न होने पर तरक्की के दरवाजे बंद हो जाएंगे, इस बात को यहां ही नहीं, अमेरिका में भी बोला गया। इसके पीछे बड़ा खेल है। आज भारत के ही विशेषज्ञों से अमेरिका आगे है। आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का अपमान हुआ है, मस्जिदें तोड़ी गई, लेकिन किसी ने नहीं कहा पाकिस्तान चले जाओ, धर्म परिवर्तन कर लो।
अरे, देश के वजीरेआला ने जब हमें एक पिल्ले की संज्ञा दी और उनके वजीरेआला हमें 40 पिल्लों की संज्ञा दे रहे हैं तो कोई बड़ी बात नहीं। बोले जब देश रहेगा, तभी धर्म रहेगा और देश नहीं रहेगा तो धर्म कहां रहेगा? बोले, 20 नवंबर 1990 को मुलायम सिंह यादव को जो सेक्युलर होने का खिताब मिल चुका है, दुबारा यह लेने-देने का सौभाग्य नहीं होना चाहिए। बोले कि देशवासियों के साथ बहुत बड़ा छल हुआ है।
जिसे देश को प्रधानमंत्री होना चाहिए था, जिसके अंदर सबको साथ लेकर चलने, प्यार करने की कूबत थी, वह नहीं हो पाया। बोले, मुलायम सिंह आजमगढ़ के हुए यह यहां के लोगों की खुशनसीबी है। बोले, आजमगढ़वासियों! मुलायम को खोजते हो, अरे एक बार जाने के बाद पांच साल तक न लौटने पर भी रफीकुलमुल्क, रफीकुलमुल्क ही रहेंगे लेकिन कीचड़ उछालने वालों पर ही कीचड़ गिरेगी, नेता पर नहीं।
बोले, अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगों। उन्होंने मुसलमानों को ताकीद किया, बोले एक मदरसा या इल्मगाह बनाने के लिए जब तुम निकलते तो तुम्हें तरह-तरह की जलालत झेलनी पड़ती है। लेकिन ये वो शक्स हैं जिसके प्रयास से आज जौहर विश्वविद्यालय खड़ा है। बोले, देश के वजीरेआला चौथे स्तंभ को आईना दिखा रहा है। हद हो गई, जब देश का वजीरेआला बिगड़ जाए तो देश में अराजकता बढ़ जाएगी।
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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन्हें आडे़ हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि किसी देश का बादशाह कभी झूठ नहीं बोलता, सब्र करो, जल्द ही रुपये मिलेंगे क्योंकि झूठ बोलने वाला देश का बादशाह नहीं, लेकिन बदकिस्मती है इस देश की जनता की, कि ठग ली गई।
आजम खां ने कहा कि गुरुवार को दिल्ली में भाजपा की तरफ से जनसभा का आयोजन किया गया। काला जादू दिखाना पड़ा, तब जाकर वजीरेआला का आगमन हुआ। बोले, कालाजादू का असर थोड़े समय के लिए होता है, मुलायम की तरफ इशारा करके बोले असली जादू यहां है, ये बैठा है। जो इंसानों के सर पर चढ़कर बोलने लगता है।
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बीते दिनों मुलायम को ढूंढ़ने वालों पर कटाक्ष करते हुए आजम खां ने कहा कि बहुत नादान थे वे लोग जो मुलायम को ढूंढ़ने निकले, उन पर अफसोस है, अपने दिल में झांकते तो उन्हें उनका नेता उनके दिल की धड़कनों में मिल जाता। क्योंकि वह तुम्हारी खुशियों, तुम्हारी मुसकराहट और आंसुओं में समाया है।
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भरोसा करों, देश ने जिन पर भरोसा जताया वे उनमें से हैं जो 1947 में देश आजाद होने पर रात के अंधेरे में गंगा और यमुना के पानी को लाल करने का काम किए। उजाला होने पर पाकिस्तान चले गए। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर तंज कसते हुए बोले सात समुंदर पार से आया काला फिरंगी, जिसको हीरे-जवाहरात जैसे उपहार दिए गए, जाते-जाते आपसी समरसता का सबक दे गया।
इतना ही नहीं कहा कि ऐसा न होने पर तरक्की के दरवाजे बंद हो जाएंगे, इस बात को यहां ही नहीं, अमेरिका में भी बोला गया। इसके पीछे बड़ा खेल है। आज भारत के ही विशेषज्ञों से अमेरिका आगे है। आज पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का अपमान हुआ है, मस्जिदें तोड़ी गई, लेकिन किसी ने नहीं कहा पाकिस्तान चले जाओ, धर्म परिवर्तन कर लो।
अरे, देश के वजीरेआला ने जब हमें एक पिल्ले की संज्ञा दी और उनके वजीरेआला हमें 40 पिल्लों की संज्ञा दे रहे हैं तो कोई बड़ी बात नहीं। बोले जब देश रहेगा, तभी धर्म रहेगा और देश नहीं रहेगा तो धर्म कहां रहेगा? बोले, 20 नवंबर 1990 को मुलायम सिंह यादव को जो सेक्युलर होने का खिताब मिल चुका है, दुबारा यह लेने-देने का सौभाग्य नहीं होना चाहिए। बोले कि देशवासियों के साथ बहुत बड़ा छल हुआ है।
जिसे देश को प्रधानमंत्री होना चाहिए था, जिसके अंदर सबको साथ लेकर चलने, प्यार करने की कूबत थी, वह नहीं हो पाया। बोले, मुलायम सिंह आजमगढ़ के हुए यह यहां के लोगों की खुशनसीबी है। बोले, आजमगढ़वासियों! मुलायम को खोजते हो, अरे एक बार जाने के बाद पांच साल तक न लौटने पर भी रफीकुलमुल्क, रफीकुलमुल्क ही रहेंगे लेकिन कीचड़ उछालने वालों पर ही कीचड़ गिरेगी, नेता पर नहीं।
बोले, अपने इस कृत्य के लिए माफी मांगों। उन्होंने मुसलमानों को ताकीद किया, बोले एक मदरसा या इल्मगाह बनाने के लिए जब तुम निकलते तो तुम्हें तरह-तरह की जलालत झेलनी पड़ती है। लेकिन ये वो शक्स हैं जिसके प्रयास से आज जौहर विश्वविद्यालय खड़ा है। बोले, देश के वजीरेआला चौथे स्तंभ को आईना दिखा रहा है। हद हो गई, जब देश का वजीरेआला बिगड़ जाए तो देश में अराजकता बढ़ जाएगी।