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आजमगढ़ पालिका में भी बनेगी कान्हा गोशाला, स्वीकृति

Tue, 15 Oct 2019 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Oct 2019 11:24 PM IST
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Kanha Gaushala will also be established in Azamgarh municipality
आजमगढ़। देर से ही सही शासन की ओर से आजमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में भी कान्हा गोशाला एवं पशु शेल्टर होम बनाने की स्वीकृति दे दी है। इससे पहले जनपद के माहुल नगर पंचायत में कान्हा गोशाला बनाने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन जमीन की व्यवस्था नहीं होने से वहां कार्य शुरू नहीं हो सका है। आजमगढ़ में 165.89 लाख से बनने वाली गोशाला के लिए शासन की ओर से पहली किस्त के रूप में लगभग 83 लाख रुपये जारी कर दिए हैं।प्रदेश सरकार ने गोकशी पर रोक लगाने के बाद वर्ष 2016-17 में योजना शुरू की थी। इसके तहत सभी स्थानीय नगर निकायों में एक कान्हा पशु आश्रय स्थल बनाए जाने का प्रावधान किया गया। इनमें आवारा रूप से भटकने वाले पशुओं को रखा जाना है। उस समय योजना पर ध्यान नहीं दिया गया। गोकशी के मामले में कई जिलों में हुए बवाल के बाद शासन की ओर से शिकंजा कसा गया तो वर्ष 2019 में चार निकायों में जमीन चिह्नित कर इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें नगर पंचायत माहुल, निजामाबाद और पालिका आजमगढ़ और मुबारकपुर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले शासन की ओर से माहुल के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। दो किस्त की धनराशि भी जारी हो गई है। हालांकि जमीन चयन में पेच फंसने के कारण अभी तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
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शासन की ओर से अब आजमगढ़ पालिका के भी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। आजमगढ़ पालिका की ओर से शहर के मुजफ्फरपुर में कान्हा गोशाला के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति दे दी गई है। 165.89 लाख से बनने वाली गोशाला के लिए शासन की ओर से पहली किस्त के रूप में लगभग 83 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। अब जल्द कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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समस्याओं से मिलेगी मुक्ति
आजमगढ़। निकायों के अधीन पहले भी कांजी हाउस में आवारा पशुओं को रखे जाने का प्रावधान था, लेकिन वर्तमान में किसी निकाय में कांजी हाउस संचालित नहीं है। वर्षों पहले ये बंद हो चुके हैं। कान्य आश्रय स्थल योजना से आवारा पशुओं की लाइलाज बीमारी का कुछ हद तक हल निकलेगा। गोवंश सहित कई अन्य आवारा पशु सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर परेशानी का सबब बनते हैं। कई बार उनके साथ क्रूरता होती है तो अक्सर जख्म, बीमारियों से वे घिर जाते हैं। इस योजना में ऐसे ही पशुओं को सुरक्षित रखने का बेहतर व हाईटेक स्थान बनाया जाना है। जहां पक्का निर्माण, चारा, पानी, बायो गैस प्लांट, सौर ऊर्जा आदि का बंदोबस्त रहेगा।
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सहयोग से होगा रख रखाव
आश्रय स्थलों में रखे जाने वाले पशुओं का रख रखाव अकेले नगर निकाय ही नहीं करेगा। इसमें समाजसेवी संस्थाओं, पशु प्रेमियों, पशुओं के पुनर्वासन से संबंधित कार्य करने वाली संस्थाओं आदि का सहयोग लिया जाएगा। जिसके जरिए पशुओं के चारे आदि की व्यवस्था होगी।

शासन के निर्देशों के क्रम में नगर निकाय क्षेत्रों के लिए कान्हा पशु आश्रय स्थल का प्रस्ताव भेजा गया था। काफी समय से इसकी मंजूरी नहीं मिली थी। इसके लिए शासन से बात की गई थी। अब आजमगढ़ पालिका में कान्हा गोशाला के लिए मंजूरी मिल गई है। जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा -एनपी सिंह, जिलाधिकारी
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