Iran Israel War: कानों में गूंज रहा था बम का धमाका, ईरान से वापस लौटी आजमगढ़ की बेटी; बताया खौफनाक मंजर
Iran Israel War: ईरान से आजमगढ़ लौटी युवती ने परिवार को वहां का खौफनाक मंजर बताया। कहा कि वहां कानों बम का धमाका गूंज रहा था। वहीं पिता ने मोदी सरकार का आभार जताया।
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युद्धग्रस्त ईरान में फंसी रानी की सराय थाना क्षेत्र के शाहकुंदनपुर (घटेला) निवासी अलीशा रिजवी आखिरकार सकुशल वतन लौट आईं। फंसने के एक माह बाद जब वह अपने घर पहुंचीं, तो परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। परिजनों ने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार ने जो मदद की, उसके लिए वह दिल से धन्यवाद करते हैं। अलीशा रिजवी मेडिकल की तैयारी करने गई थीं।
अलीशा के पिता नसीम हैदर रिजवी ने बताया कि उनकी पुत्री अलीशा मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए दो वर्ष पूर्व ईरान गई थी। वह ईरान के तेहरान में रह कर पढ़ाई करती थी। पिता हैदर रिजवी ने बताया कि उनकी पुत्री अलीशा ने 12 मई को फोन पर बताया कि इस्राइल और ईरान के बीच जंग छिड़ गई है। कुछ देर पहले ही जहां वह रह रही है, वहीं पास में ही जोर का धमाका हुआ। जिसे सुनकर सभी लोगों का दिल दहल गया। सभी घर के अंदर घुस गए ताकि वह सुरक्षित रहें।
नसीम हैदर रिजवी ने बताया कि पुत्री की जान की सलामती के लिए पूरा परिवार लगातार दुआएं करता रहा, दुआएं रंग लाई। भारत सरकार और एंबेसी की तत्परता से उनकी पुत्री सकुशल वापस लौट आई। अलीशा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को एयरपोर्ट तक बस से पहुंचाया गया और फिर एक सुरक्षित मार्ग से भारत लाया गया। हमने हर वक्त दुआ की, अलीशा के पिता और माता ने प्रदेश की योगी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय दूतावास का दिल से शुक्रिया अदा किया।
मेरा पर्सनल मामला, बेटी की न तो फोटो दे सकता और न बात करा सकता
अमर उजाला की टीम रविवार को ईरान से लौटी अलीशा के घर पहुंची। घर पर सभी मौजूद थे। अलीशा के पिता नसीम हैदर रिजवी ने कहा कि सबसे पहले आपको बता दें कि यह हमारा पर्सनल मामला है। हमारे यहां बेटियों को सबसे मिलाने का रिवाज नहीं है। हम न तो बेटी से मिला पाएंगे, न तो उससे बात करा पाएंगे और न ही उसकी फोटो देंगे। आपको जो भी पूछना है वो हमसे पूछिए।