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सीएम के निर्देश पर भी दो माह पूरी नहीं हुई जांच...अब दूसरी प्रयोगशाला जाएगा मलबा

Thu, 22 Aug 2019 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2019 11:12 PM IST
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Investigation not completed even after two months of CM's instructions
आजमगढ़। करोड़ों की लागत से बनने वाले मार्टीनगंज तहसीस भवन के निर्माण में अनियमितिता की शिकायत पर दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने मौके का निरीक्षण कर दो माह पहले मलबा जांच को प्रयोगशाला सुल्तानपुर भेजा था। दो माह में भी इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। अब कमेटी इस मलबे को वापस मंगा दूसरी प्रयोगशाला भेजेगी। इसी भवन की एक अन्य शिकायत कमिश्नर पैक्सफेड के अधिकारियों पर एफआईआर की निर्देश दे चुकी हैं।
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मार्टीनगंज तहसील में आवासीय एवं अनावासीय भवन का निर्माण वर्ष 2015-16 से हो रहा है। आवासीय भवन का कार्य यूपीआरएनएस (पैक्सफेड) की ओर से किया जा रहा है। स्वीकृत 264.23 लाख में पूरी धनराशि मिलने का बाद व्यय किया जा चुका है। निर्माण अभी भी अधूरा है। कार्यदायी संस्था ने 538.26 लाख का पुनरक्षित आंगणन प्रस्तुत किया था। वहीं, अनावासीय भवन का निर्माण उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सरकारी संघ गोरखपुर की ओर से 340.26 लाख की लागत से किया जा रहा था। मिली पूरी धनराशि में 240 लाख व्यय हो चुका है। निर्माण अधूरा रहने पर संस्था की ओर से 803.74 लाख का पुनरक्षित आगंणन पेश किया गया था।
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जून माह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान निर्माण में भारी अनियमितिता की शिकायत मिलने पर जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। इसमें एडीएम प्रशासन और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी आरके त्रिपाठी को शामिल किया गया था। टीम ने मौके पर जांच भी की थी। उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सरकारी संघ गोरखपुर का कार्य सही पाया गया था। पैक्सफेड के काम में गड़बड़ी मिलने पर भवन का मलबा जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला सुल्तानपुर भेजा गया था। आज तक प्रयोगशाला से रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई गई। इससे सीएम से जुड़ी शिकायत का भी निस्तारण नहीं हो पा रहा है। एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने बताया कि कईस्त्रत्त् ार प्रयोगशाला में बात की गई। यहां से पीडब्ल्यूडी के जेई को भी भेजा गया। कभी किसी के छुट्टी की बात कही जाती है तो कभी कुछ और। अब मलबे को वापस मंगा दूसरी प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी।
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