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Azamgarh News: शिब्ली कॉलेज में हुई जांच में कमेटी को शासनादेश से अलग मिले प्राचार्य के बयान
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आजमगढ़। इन दिनों शिब्ली नेशनल पीजी कॉलेज खूब चर्चा में है। पहले नियुक्ति में फर्जीवाड़ा का मामला आया तो अब 44 लाख का घोटाला करने का मामला प्रकाश में आया। शिकायत के बाद कमिश्नर के आदेश पर डीडीओ की चार सदस्यीय टीम ने जांच की।
हालांकि 44 लाख के घोटाले जैसी कोई पुष्टि तो नहीं हुई लेकिन प्राचार्य के बयान, अभिलेख और शासनादेश भिन्न पाए गए। टीम ने अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को भेज दी है। अब इसकी जांच कमिश्नर हाइलेबल ऑडिट टीम से कराने की संस्तुति की है।
जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी के सदस्य फैजान अहमद की 29 जनवरी की शिकायत पर जिला विकास अधिकारी को जांच करने का आदेश दिया था। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि शिब्ली के प्राचार्य ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों का जमा शुल्क आय 44 लाख का फर्जी ढंग से आहरित कर गबन कर लिया। इसके अलावा ऑडिट आपत्तियों के अनियमितता का आरोप लगा। आयुक्त के आदेश पर डीडीओ आजमगढ़ ने मुख्य कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और आरएचइओ की संयुक्त जांच कमेटी बना दी।
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कमेटी ने अपनी जांच आख्या में स्पष्ट कर दिया कि महाविद्यालय में शुल्क आय से प्राप्त धनराशियों के रख-रखाव व संचालित खाते से भुगतान के संबंध में शासनादेशों और वित्तीय नियमों के अनुपालन में भिन्न पाए गए हैं। टीम ने कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
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हालांकि 44 लाख के घोटाले जैसी कोई पुष्टि तो नहीं हुई लेकिन प्राचार्य के बयान, अभिलेख और शासनादेश भिन्न पाए गए। टीम ने अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को भेज दी है। अब इसकी जांच कमिश्नर हाइलेबल ऑडिट टीम से कराने की संस्तुति की है।
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जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ मुस्लिम एजुकेशन सोसाइटी के सदस्य फैजान अहमद की 29 जनवरी की शिकायत पर जिला विकास अधिकारी को जांच करने का आदेश दिया था। शिकायत में उल्लेख किया गया था कि शिब्ली के प्राचार्य ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों का जमा शुल्क आय 44 लाख का फर्जी ढंग से आहरित कर गबन कर लिया। इसके अलावा ऑडिट आपत्तियों के अनियमितता का आरोप लगा। आयुक्त के आदेश पर डीडीओ आजमगढ़ ने मुख्य कोषाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और आरएचइओ की संयुक्त जांच कमेटी बना दी।
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कमेटी ने अपनी जांच आख्या में स्पष्ट कर दिया कि महाविद्यालय में शुल्क आय से प्राप्त धनराशियों के रख-रखाव व संचालित खाते से भुगतान के संबंध में शासनादेशों और वित्तीय नियमों के अनुपालन में भिन्न पाए गए हैं। टीम ने कमिश्नर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।