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आईएमए के सदस्यों ने दिया दो घंटे का मौन धरना
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आजमगढ़। 'मिक्सोपैथी' शिक्षा के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. डीपी राय के नेतृत्व में चिकित्सकों ने नगर के मेहता पार्क में सांकेतिक धरना दिया। यह धरना दोपहर 12 बजे से दो बजे तक चला। इस दौरान एकजुट हुए चिकित्सकों ने मौन रहकर 'मिक्सोपैथी' को तत्काल वापस लिए जाने की मांग की।
सरकार की ओर से आयुर्वेद शिक्षकों को कई मामले में सर्जरी की अनुमति देने के आदेश के विरोध में आईएमए के सदस्य विरोध की राह पर हैं। आईएमए आजमगढ़ के अध्यक्ष डॉ. डीपी राय ने कहा कि भारत आयुर्वेद पद्धति की जननी है। यूनानी भी यही से शुरू हुआ। अंग्रेजों ने माडर्न मेडिसिन की शुरुआत की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन चिकित्सा शिक्षा में 'मिक्सोपैथी' का विरोध करता है। चिकित्सा शिक्षा एक गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा होती है। इसमें चिकित्सक को अच्छा हुनर दिया जाता है। माडर्न मेडिसिन पूरी तरह से रिसर्च पर आधारित विद्या है। इसमें हर मर्ज का इलाज आधुनिक तरीके से किया जाता है। माडर्न मेडिसिन में 'मिक्सोपैथी' लाने से पूरी विधा का ह्रास होगा। उच्चस्तरीय इलाज मिलने में बहुत कठिनाई होगी।
सचिव डा. मोहम्मद खालिद ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हर विधा को स्वतंत्र रूप से विकसित करने की पक्षधर है। केंद्र सरकार से मांग है कि माडर्न मेडिसिन के चिकित्सा में गुणवत्ता पूर्वक प्रणाली लागू हो। चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना है। इस दौरान डा. जावेद अख्तर, डा. फुरकान अहमद, डा. आसिफ, डा. एमके बरनवाल, डा. स्वास्ति सिंह, डा. अमित सिंह, डा. खुशबू सिंह, यूबी चौहान मौजूद रहे।
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सरकार की ओर से आयुर्वेद शिक्षकों को कई मामले में सर्जरी की अनुमति देने के आदेश के विरोध में आईएमए के सदस्य विरोध की राह पर हैं। आईएमए आजमगढ़ के अध्यक्ष डॉ. डीपी राय ने कहा कि भारत आयुर्वेद पद्धति की जननी है। यूनानी भी यही से शुरू हुआ। अंग्रेजों ने माडर्न मेडिसिन की शुरुआत की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन चिकित्सा शिक्षा में 'मिक्सोपैथी' का विरोध करता है। चिकित्सा शिक्षा एक गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा होती है। इसमें चिकित्सक को अच्छा हुनर दिया जाता है। माडर्न मेडिसिन पूरी तरह से रिसर्च पर आधारित विद्या है। इसमें हर मर्ज का इलाज आधुनिक तरीके से किया जाता है। माडर्न मेडिसिन में 'मिक्सोपैथी' लाने से पूरी विधा का ह्रास होगा। उच्चस्तरीय इलाज मिलने में बहुत कठिनाई होगी।
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सचिव डा. मोहम्मद खालिद ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हर विधा को स्वतंत्र रूप से विकसित करने की पक्षधर है। केंद्र सरकार से मांग है कि माडर्न मेडिसिन के चिकित्सा में गुणवत्ता पूर्वक प्रणाली लागू हो। चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना है। इस दौरान डा. जावेद अख्तर, डा. फुरकान अहमद, डा. आसिफ, डा. एमके बरनवाल, डा. स्वास्ति सिंह, डा. अमित सिंह, डा. खुशबू सिंह, यूबी चौहान मौजूद रहे।
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