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ग्रीन लैंड में होटल तैयार
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 03 Dec 2017 11:32 PM IST
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बंधे के पास बना होटल।
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आजमगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से ग्रीनलैंड और कृषि क्षेत्र में अवैध निर्माण का खेल जारी है। नया मामला नगर के शारदा चौराहे पर बने होटल का है। जिसके गिराने के लिए आदेश भी जारी हो गया था पर आदेश की उपेक्षा करके होटल बन भी गया और उद्घाटन भी हो गया।
दरअसल नगर के शारदा चौराहे डॉ. प्रेम प्रकाश यादव के निर्माणाधीन होटल को इसी वर्ष एडीए की तत्कालीन सचिव ऋतु सुहास की ओर से नोटिस जारी किया गया था। बाद में इसका ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित हो गया। इसके बाद एडीए की ओर से कई बार मौके पर पहुंच कर निर्माण को रुकवाया गया, लेकिन पार्टी प्रशासन के साथ सेटिंग फिर से निर्माण चालू कर देती थी। आदेश के खिलाफ डॉ. प्रेम प्रकाश यादव ने कमिश्नर कोर्ट की शरण ले ली। कमिश्नर यदि मामले में स्टे दे देते को यथास्थिति बहाल हो जाती। लेकिन स्टे आर्डर के बाद भी निर्माण पूरा हो जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है।
ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद भी होटल का निर्माण पूरा किया गया बल्कि इसका उद्घाटन कर व्यवसायिक गतिविधि को चालू भी कर दिया गया है। इस संबंध में एडीए के जेई आरके वर्मा से बात की गई तो उन्होंने ध्वस्तीकरण के आदेश को तो स्वीकर किया, लेकिन मामला किसी और जेई का होना बताया व उसके ट्रांसफर की बात कह दी। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ लिख सकते हैं, इमारत को गिरवाना सचिव और एई के हाथ में है।
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दरअसल नगर के शारदा चौराहे डॉ. प्रेम प्रकाश यादव के निर्माणाधीन होटल को इसी वर्ष एडीए की तत्कालीन सचिव ऋतु सुहास की ओर से नोटिस जारी किया गया था। बाद में इसका ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित हो गया। इसके बाद एडीए की ओर से कई बार मौके पर पहुंच कर निर्माण को रुकवाया गया, लेकिन पार्टी प्रशासन के साथ सेटिंग फिर से निर्माण चालू कर देती थी। आदेश के खिलाफ डॉ. प्रेम प्रकाश यादव ने कमिश्नर कोर्ट की शरण ले ली। कमिश्नर यदि मामले में स्टे दे देते को यथास्थिति बहाल हो जाती। लेकिन स्टे आर्डर के बाद भी निर्माण पूरा हो जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है।
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ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद भी होटल का निर्माण पूरा किया गया बल्कि इसका उद्घाटन कर व्यवसायिक गतिविधि को चालू भी कर दिया गया है। इस संबंध में एडीए के जेई आरके वर्मा से बात की गई तो उन्होंने ध्वस्तीकरण के आदेश को तो स्वीकर किया, लेकिन मामला किसी और जेई का होना बताया व उसके ट्रांसफर की बात कह दी। उन्होंने कहा कि हम सिर्फ लिख सकते हैं, इमारत को गिरवाना सचिव और एई के हाथ में है।
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