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अस्पतालों में बायोमैट्रिक सिस्टम से लगेगी हाजिरी
Updated Sun, 12 Jul 2015 11:54 PM IST
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स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने कहा कि अधिकतर चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं बैठते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार प्रदेश में बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करने पर मंथन कर रही है।
जल्द ही इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा ताकि चिकित्सकों की मनमानी पर रोक लगे। वे रविवार को डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मांझी ने कहा कि गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। बसपा शासन में बेपटरी हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था को सपा सरकार पटरी पर लाने का प्रयास कर रही है।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार संवेदनशील है। बसपा शासन काल में दवाओं में हो रही कमीशनखोरी को सपा ने सरकार बंद करा दिया। सीएमओ को उनके कई अधिकार लौटाए गए हैं।
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अस्पतालों में पैथालाजी और एक्सरे की जांच नि:शुल्क की गई। इसका परिणाम है कि सरकारी जांच कराने वाले मरीजों की संख्या में तीन चौथाई का इजाफा हुआ। प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष में ही अस्पतालों के लिए 10 हजार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की।
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जल्द ही इसे अमली जामा पहना दिया जाएगा ताकि चिकित्सकों की मनमानी पर रोक लगे। वे रविवार को डाक बंगले में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
मांझी ने कहा कि गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। बसपा शासन में बेपटरी हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था को सपा सरकार पटरी पर लाने का प्रयास कर रही है।
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स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रदेश सरकार संवेदनशील है। बसपा शासन काल में दवाओं में हो रही कमीशनखोरी को सपा ने सरकार बंद करा दिया। सीएमओ को उनके कई अधिकार लौटाए गए हैं।
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अस्पतालों में पैथालाजी और एक्सरे की जांच नि:शुल्क की गई। इसका परिणाम है कि सरकारी जांच कराने वाले मरीजों की संख्या में तीन चौथाई का इजाफा हुआ। प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष में ही अस्पतालों के लिए 10 हजार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की।