{"_id":"67100770523c7f7613044e74","slug":"hospital-sealed-for-not-showing-documents-azamgarh-news-c-20-1-vns1017-761189-2024-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: कागजात न दिखा पाने पर अस्पताल सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: कागजात न दिखा पाने पर अस्पताल सील
विज्ञापन
मेंहनगर/बलरामपुर। सीएमओ डाॅ. अशोक कुमार की ओर से गठित टीम ने बुधवार को भी अस्पतालों, पैथोलाॅजी सेंटर की जांच की। टीम ने मेंहनगर और महराजगंज विकास खंड में अस्पतालों के अभिलेखों की जांच की। टीम ने एक अस्पताल को सील करते हुए चार को नोटिस जारी किया है।
मेंहनगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय और सीएचसी प्रभारी डॉ. देवमणि के नेतृत्व में जांच की। टीम के पहुंचते ही एक पैथोलॉजी सेंटर के चिकित्सक और कर्मचारी शटर बंद कर फरार हो गए। इसके बाद टीम ने पेट्रोल पंप के समीप स्थित अथर्व हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। वहां की संचालक भी फरार हो गई थी। वहां एक बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था, लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
संचालक को फोन कर बुलाया गया और कागजात मांगे गए, लेकिन वह नहीं दिखा सकी। इस पर डिप्टी सीएमओ ने हॉस्पिटल सील करने का निर्णय लिया। इसके बाद टीम ने आदर्श पैथोलॉजी, अंशिका चाइल्ड केयर और अमर चाइल्ड केयर का भी निरीक्षण किया, लेकिन इन स्थानों पर कोई चिकित्सक या रजिस्ट्रेशन के कागजात नहीं थे। इन तीनों को नोटिस देकर तीन दिनों के अंदर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलेंद्र कुमार ने महाराजगंज ब्लाॅक में क्लीनिक की जांच की। उन्होंने पाया कि डॉ. अशोक कुमार मिश्रा, जो एक आयुष चिकित्सक हैं, बिना नवीनीकरण के चिकित्सकीय कार्य कर रहे थे। उन्हें तीन दिनों के भीतर इस मामले में आख्या प्रस्तुत करने का नोटिस दिया।
इसके बाद उन्होंने डॉ. शहजाद को मेन चौक पर एक घड़ी की दुकान में बिना किसी योग्यता के औषधीय चूर्ण बेचते पाया गया। चूर्ण में मिलाई गई जड़ी-बूटियों के बारे में पूछने पर उन्होंने केवल सामान्य जानकारी दी, लेकिन वनस्पतियों के नाम नहीं बता पाए। उनके पास खाद्य पदार्थ के रूप में चूर्ण बनाने के लिए मान्यता प्राप्त विभाग से लाइसेंस नहीं था। उन्हें भी तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया।
विज्ञापन
मेंहनगर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डिप्टी सीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय और सीएचसी प्रभारी डॉ. देवमणि के नेतृत्व में जांच की। टीम के पहुंचते ही एक पैथोलॉजी सेंटर के चिकित्सक और कर्मचारी शटर बंद कर फरार हो गए। इसके बाद टीम ने पेट्रोल पंप के समीप स्थित अथर्व हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। वहां की संचालक भी फरार हो गई थी। वहां एक बच्चे को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था, लेकिन कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
विज्ञापन
संचालक को फोन कर बुलाया गया और कागजात मांगे गए, लेकिन वह नहीं दिखा सकी। इस पर डिप्टी सीएमओ ने हॉस्पिटल सील करने का निर्णय लिया। इसके बाद टीम ने आदर्श पैथोलॉजी, अंशिका चाइल्ड केयर और अमर चाइल्ड केयर का भी निरीक्षण किया, लेकिन इन स्थानों पर कोई चिकित्सक या रजिस्ट्रेशन के कागजात नहीं थे। इन तीनों को नोटिस देकर तीन दिनों के अंदर अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलेंद्र कुमार ने महाराजगंज ब्लाॅक में क्लीनिक की जांच की। उन्होंने पाया कि डॉ. अशोक कुमार मिश्रा, जो एक आयुष चिकित्सक हैं, बिना नवीनीकरण के चिकित्सकीय कार्य कर रहे थे। उन्हें तीन दिनों के भीतर इस मामले में आख्या प्रस्तुत करने का नोटिस दिया।
इसके बाद उन्होंने डॉ. शहजाद को मेन चौक पर एक घड़ी की दुकान में बिना किसी योग्यता के औषधीय चूर्ण बेचते पाया गया। चूर्ण में मिलाई गई जड़ी-बूटियों के बारे में पूछने पर उन्होंने केवल सामान्य जानकारी दी, लेकिन वनस्पतियों के नाम नहीं बता पाए। उनके पास खाद्य पदार्थ के रूप में चूर्ण बनाने के लिए मान्यता प्राप्त विभाग से लाइसेंस नहीं था। उन्हें भी तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया।