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हिंदी भाषा के निरंतर विकास की आवश्यकता : जिला जज
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 15 Sep 2015 01:24 AM IST
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आजमगढ़। जिला जज अखिलेश चंद्र शर्मा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की अस्मिता के लिए उस देश की राष्ट्र भाषा का होना आवश्यक है। आज हम हिंदी दिवस मना रहे हैं लेकिन अब तक इसे अपनी राष्ट्रीय भाषा को वह दर्जा नहीं दिला सके हैं, जो होना चाहिए।
वह सोमवार को दीवानी न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में हिंदी दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। जिला जज ने कहा कि वर्तमान परिवेश में हिंदी भाषा के निरंतर विकास की आवश्यकता है। इसके लिए जनचेतना लाए जाने की आवश्यकता है। तभी इसका विकास संभव है। अपर जिला जज अनिल कुमार ने कहा कि भारत सदियों तक गुलाम रहा है। इस कारण हिंदी भाषा के प्रयोग में कठिनाइयां जरूर हैं, क्योंकि इस देश के विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग भाषाएं प्रचलित हैं। इस कारण एकरूपता नहीं आ पाई है। सिविल जज अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि जिस देश की भाषा जितनी मजबूत होगी, उतना ही हम मजबूत होंगे।
सीजेएम अगस्त कुमार तिवारी ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। चीनी भाषा के बाद विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। आज हिंदी जनजन की भाषा बन चुकी है। इसे आगे बढ़ने की जरूरत है। अपर जिला जज अशोक कुमार यादव ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है इसके विस्तारीकरण पर बल दिया। कहा कि इसे और लचिला बनाए जाने की आवश्यकता है। जो सर्वग्राह्य हो। कार्यक्रम को सेंट्रल बार के मंत्री अनिल कुमार सिंह, जयप्रकाश राय, दीवानी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दयाराम यादव, मंत्री जगदंबा प्रसाद पांडेय, प्रदीप सिंह, प्रहलाद श्रीवास्तव, आरपी लाल ने आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। संचालन अपर जिला जज जगदीश प्रसाद राजपूत ने किया। समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केसचिव मोहन कुमार ने लोगों का आभार प्रकट जताया।
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वह सोमवार को दीवानी न्यायालय के हाल आफ जस्टिस में हिंदी दिवस पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। जिला जज ने कहा कि वर्तमान परिवेश में हिंदी भाषा के निरंतर विकास की आवश्यकता है। इसके लिए जनचेतना लाए जाने की आवश्यकता है। तभी इसका विकास संभव है। अपर जिला जज अनिल कुमार ने कहा कि भारत सदियों तक गुलाम रहा है। इस कारण हिंदी भाषा के प्रयोग में कठिनाइयां जरूर हैं, क्योंकि इस देश के विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग भाषाएं प्रचलित हैं। इस कारण एकरूपता नहीं आ पाई है। सिविल जज अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि जिस देश की भाषा जितनी मजबूत होगी, उतना ही हम मजबूत होंगे।
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सीजेएम अगस्त कुमार तिवारी ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। चीनी भाषा के बाद विश्व की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। आज हिंदी जनजन की भाषा बन चुकी है। इसे आगे बढ़ने की जरूरत है। अपर जिला जज अशोक कुमार यादव ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है इसके विस्तारीकरण पर बल दिया। कहा कि इसे और लचिला बनाए जाने की आवश्यकता है। जो सर्वग्राह्य हो। कार्यक्रम को सेंट्रल बार के मंत्री अनिल कुमार सिंह, जयप्रकाश राय, दीवानी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दयाराम यादव, मंत्री जगदंबा प्रसाद पांडेय, प्रदीप सिंह, प्रहलाद श्रीवास्तव, आरपी लाल ने आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। संचालन अपर जिला जज जगदीश प्रसाद राजपूत ने किया। समापन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केसचिव मोहन कुमार ने लोगों का आभार प्रकट जताया।
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