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42 डिग्री की तपती धूप ने कि या बेदम
आजमगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 May 2018 11:35 PM IST
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तेज धूप और गर्म हवा के बीच स्कूल से घर लौटते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जनपद में पड़ रही भीषण गर्मी और तीखी धूप आम लोगों को झुलसाने लगी है। सोमवार को जनपद का तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया । बाहर सूर्य की तीखी किरणों के साथ लू थपेड़ों से लोग बेहाल रहे।
सोमवार की सुबह आसमान में हल्के बादल छाए थे। लेकिन कुछ ही देर बाद सुबह सात बजे से ही गर्मी का अहसास होने लगा। नौ बजते-बजते सूर्य की किरणें बदन को झुलसाने लगी। दोपहर होते-होते सड़कों पर चलना भी दूभर हो गया था। तीखी धूप और लू के थपेड़ों से हर कोई बेहाल रहा।
उमस और धूप इतनी ज्यादा थी कि बार-बार हलक सूूख रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वालों बच्चों को हुई। सुबह के समय स्कूल जाने में तो नहीं लेकिन छुट्टी के बाद घर आते समय वह गर्मी से बेदम दिखे।
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दिखाई दिए। गर्मी का आलम यह था कि कूलर की हवा भी शरीर को ठंडक पहुंचाने में नाकाम साबित हो रहा था। पंखे से निकलने वाली गर्म हवा शरीर को राहत पहुंचाने में नाकाम रही। गर्मी में शरीर और गले को राहत देने के लिए शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
अस्पतालों में भी लू पीड़ित और लूज मोशन के शिकार मरीज पहुंचने शुरू हो गए हैं।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डा. राजनाथ ने बताया कि लू से बचने के लिए जब भी घर से निकलें पूरे शरीर को ढंक कर निकलें। पानी पीकर ही घर से निकलें। अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। अगर लूज मोशन से बचना है तो खुली हुई चीजों को खाने से परहेज करें। तले भुने खाद्य पदार्थों का इश्तेमाल न करें।
अगर कोई समस्या होती है तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
अभी मरीजों की संख्या में ज्यादा इजाफा तो नहीं लेकिन कुछ बढ़ोत्तरी जरूर हुई है। लू और लूज मोशन से ग्रसित मरीज आने लगे हैं। अगर यही हाल रहा तो इनकी संख्या में और इजाफा होगा।
डा. राजनाथ, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल।
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सोमवार की सुबह आसमान में हल्के बादल छाए थे। लेकिन कुछ ही देर बाद सुबह सात बजे से ही गर्मी का अहसास होने लगा। नौ बजते-बजते सूर्य की किरणें बदन को झुलसाने लगी। दोपहर होते-होते सड़कों पर चलना भी दूभर हो गया था। तीखी धूप और लू के थपेड़ों से हर कोई बेहाल रहा।
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उमस और धूप इतनी ज्यादा थी कि बार-बार हलक सूूख रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वालों बच्चों को हुई। सुबह के समय स्कूल जाने में तो नहीं लेकिन छुट्टी के बाद घर आते समय वह गर्मी से बेदम दिखे।
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दिखाई दिए। गर्मी का आलम यह था कि कूलर की हवा भी शरीर को ठंडक पहुंचाने में नाकाम साबित हो रहा था। पंखे से निकलने वाली गर्म हवा शरीर को राहत पहुंचाने में नाकाम रही। गर्मी में शरीर और गले को राहत देने के लिए शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
अस्पतालों में भी लू पीड़ित और लूज मोशन के शिकार मरीज पहुंचने शुरू हो गए हैं।
जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजिशियन डा. राजनाथ ने बताया कि लू से बचने के लिए जब भी घर से निकलें पूरे शरीर को ढंक कर निकलें। पानी पीकर ही घर से निकलें। अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। अगर लूज मोशन से बचना है तो खुली हुई चीजों को खाने से परहेज करें। तले भुने खाद्य पदार्थों का इश्तेमाल न करें।
अगर कोई समस्या होती है तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।
अभी मरीजों की संख्या में ज्यादा इजाफा तो नहीं लेकिन कुछ बढ़ोत्तरी जरूर हुई है। लू और लूज मोशन से ग्रसित मरीज आने लगे हैं। अगर यही हाल रहा तो इनकी संख्या में और इजाफा होगा।
डा. राजनाथ, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल।