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जीएसटी से ग्रामीणों पर बढ़ेगा बोझ
अमर उजाला ब्यूरो/आजमगढ
Updated Mon, 22 Aug 2016 11:45 PM IST
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राष्ट्रीय सचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि जीएसटी लागू होने से किसानों को अतिरिक्त कर देने पड़ेंगे। इससे शहरी लोगों पर कम लेकिन ग्रामीणों पर सबसे अधिक बोझ बढ़ेगा। खाद, बीज आदि पर टैक्स बढ़ेगा। साथ ही खाद और बीज से छूट भी समाप्त होगी। इससे किसान तबाह होंगे।
डाक बंगले में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीपीआई के वरिष्ठ नेता अतुल अंजान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। विकास दर बढ़ने की बात करने वाली केंद्र सरकार अभी तक महंगाई पर नियंत्रण नहीं पा सकी। जुलाई माह में महंगाई 11 प्रतिशत बढ़ी है। अनाज के दाम 23 फीसदी बढ़े हैं। जुलाई 2015 में 22 रुपये किलो की दर से बिकने वाली चीनी 36 रुपये किलो बिक रही है। आलू समेत अन्य खाद्य वस्तुओं के भी दाम बढ़े हैं। महंगाई पर नियंत्रण की जरूरत है।
दस वर्षों बाद अब किसी सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री को बयान बहादुर बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से नरेंद्र मोदी ने जो भाषण दिया, वह अब तक का सबसे दिशाहीन संबोधन है। कहा कि गोरखपुर की खाद फैक्ट्री के चलने में अभी तीन साल लग जाएंगे। एक सवाल के जवाब में कहा कि बलूचिस्तान और पाकिस्तान में दुराव जैसी स्थिति है।
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जम्मू-कश्मीर में 46 दिन तक की कर्फ्यू पर चिंता जताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर, अरुणाचल भारत का अविभाज्य अंग है जिसे कोई अलग नहीं कर सकता। उनकी पार्टी वहां की समस्याओं का समाधान चाहती है। देश की दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि आज लोकतंत्र नहीं बल्कि संविधान बचाने की जरूरत है।
एक सवाल के जवाब में कहा कि आजमगढ़ राजनीति का गढ़ है। यहां कुछ लोग धार्मिक, सांप्रदायिक स्थिति पैदा कर रहे है, उनसे उनकी पार्टी वैचारिक स्तर पर लड़ेगी। कहा कि पूर्वांचल को जातिवाद और धर्मवाद बर्बाद कररहा है। आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहने वालों से कहना चाहते हैं कि वे अपना रास्ता छोड़ दे। संविधान से कोई लड़ नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दीनदयाल उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों की मौत का रहस्योद्घाटन कराएं। वह इसलिए इसका खुलासा नहीं कराना चाहते हैं कि इसमें संघ के कुछ लोगों के नाम भी आ सकते हैं। कहा कि प्रदेश के अंदर राजनीतिक, वैचारिक स्तर पर ध्रुवीकरण होना चाहिए।
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डाक बंगले में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीपीआई के वरिष्ठ नेता अतुल अंजान ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। विकास दर बढ़ने की बात करने वाली केंद्र सरकार अभी तक महंगाई पर नियंत्रण नहीं पा सकी। जुलाई माह में महंगाई 11 प्रतिशत बढ़ी है। अनाज के दाम 23 फीसदी बढ़े हैं। जुलाई 2015 में 22 रुपये किलो की दर से बिकने वाली चीनी 36 रुपये किलो बिक रही है। आलू समेत अन्य खाद्य वस्तुओं के भी दाम बढ़े हैं। महंगाई पर नियंत्रण की जरूरत है।
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दस वर्षों बाद अब किसी सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री को बयान बहादुर बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से नरेंद्र मोदी ने जो भाषण दिया, वह अब तक का सबसे दिशाहीन संबोधन है। कहा कि गोरखपुर की खाद फैक्ट्री के चलने में अभी तीन साल लग जाएंगे। एक सवाल के जवाब में कहा कि बलूचिस्तान और पाकिस्तान में दुराव जैसी स्थिति है।
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जम्मू-कश्मीर में 46 दिन तक की कर्फ्यू पर चिंता जताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर, अरुणाचल भारत का अविभाज्य अंग है जिसे कोई अलग नहीं कर सकता। उनकी पार्टी वहां की समस्याओं का समाधान चाहती है। देश की दशा पर चिंता जताते हुए कहा कि आज लोकतंत्र नहीं बल्कि संविधान बचाने की जरूरत है।
एक सवाल के जवाब में कहा कि आजमगढ़ राजनीति का गढ़ है। यहां कुछ लोग धार्मिक, सांप्रदायिक स्थिति पैदा कर रहे है, उनसे उनकी पार्टी वैचारिक स्तर पर लड़ेगी। कहा कि पूर्वांचल को जातिवाद और धर्मवाद बर्बाद कररहा है। आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहने वालों से कहना चाहते हैं कि वे अपना रास्ता छोड़ दे। संविधान से कोई लड़ नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दीनदयाल उपाध्याय की संदिग्ध परिस्थितियों की मौत का रहस्योद्घाटन कराएं। वह इसलिए इसका खुलासा नहीं कराना चाहते हैं कि इसमें संघ के कुछ लोगों के नाम भी आ सकते हैं। कहा कि प्रदेश के अंदर राजनीतिक, वैचारिक स्तर पर ध्रुवीकरण होना चाहिए।