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बिखरेगी हरियाली, जिले में आज लगाए जाएंगे 43 लाख पौधे
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आजमगढ़। वन महोत्सव की शुरुआत बृहस्पतिवार से हो चुकी है। सात जुलाई तक जिले में 52 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस क्रम में चार जुलाई को विशेष अभियान चलाकर 43.29 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वन विभाग की 34 पौधशालाओं से 85 फीसद पौधों का उठान हो चुका है। पौधे ले जाने का सिलसिला देर शाम तक चल रहा है।
प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रविंद्र नायक सेहदा में पौधारोपण अभियान की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री के ‘30 करोड़ वृक्षारोपण जनांदोलन’ अभियान के तहत इस बार जिले में 51 लाख 95 हजार 179 पौधे लगाए जाएंगे। इसमें 19 लाख 10 हजार पौधे वन विभाग अकेले लगाएगा। वहीं 3285179 पौधे अन्य विभाग मिलकर लगाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने जिले की 34 पौधशालाओं में करीब 84 लाख पौधे तैयार किए हैं। एक जुलाई से चल रहे वन महोत्सव अभियान के अंतर्गत चार जुलाई को विशेष अभियान चलाकर 4329300 पौधे एक दिन में लगाए जाएंगे। शेष लक्ष्य सात जुलाई तक पूरा किया जाएगा। वन विभाग की 34 पौधशालों से पौधे उठान के लिए विभाग ने अन्य विभागों व ग्राम पंचायतों को इंडेंट जारी कर दिया था। पर विभाग समय से पौधे लेने नहीं पहुंचे। पौधारोपण के एक दिन पहले ही अन्य विभाग पौधे लेने के लिए नर्सरियों पर एक साथ पहुंचे, जिससे नर्सरियों के बाहर लाइन लग गई थी। देर शाम तक पौधा उठान जारी रहा।
117.41 लाख लीटर ऑक्सीजन का होगा उत्पादन
आजमगढ़। इस बार आक्सीजन देने वाले बरगद, पाकड़, पीपल, नीम जैसे पौधों का रोपण ज्यादा किया जाना है। इसके अलावा सहजन, महुआ, आंवला, नींबू, जामुन, इमली, आम, अमरूद के अलावा सौगान, अर्जुन, शीशम आदि प्रजातियों के पौधे नर्सरी में तैयार हैं। सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक गंगा दत्त मिश्रा ने बताया कि एक वृक्ष रोजना 225.80 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। यदि जिले में रोपे जाने वाले 52 लाख पौधे सलामत रह गए तो रोजाना 117.41 लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करेंगे। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति जीवित रहने के लिए प्रतिदिन 550 लीटर ऑक्सीजन का उपयोग करता है।
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अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए जाएंगे
आजमगढ़। अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों की मांग बढ़ गई है। शासन ने भी प्रत्येक विद्यालय परिसर में अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे जैसे नीम, पीपल, बरगद, पाकड़, गुलर आदि लगाने को कहा है। विभाग इसकी तैयारी में लगा है।
कोरोना संक्रमण ने जीवन में काफी सारे बदलाव किए हैं। एक बार फिर लोगों प्रकृति की ओर लौट रहे हैं। लोग अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगा रहे हैं। शासन ने भी वन विभाग को अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वन विभाग द्वारा माध्यमिक व परिषदीय स्कूलों को अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ताकि स्कूल व आसपास के क्षेत्र प्रदूषणमुक्त हो सके। प्रभारी डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि इस बार अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे विद्यालयों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ताकि आने वाले भविष्य में छांव के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण में बच्चे पढ़ाई कर सके।
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प्रमुख सचिव समाज कल्याण के रविंद्र नायक सेहदा में पौधारोपण अभियान की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री के ‘30 करोड़ वृक्षारोपण जनांदोलन’ अभियान के तहत इस बार जिले में 51 लाख 95 हजार 179 पौधे लगाए जाएंगे। इसमें 19 लाख 10 हजार पौधे वन विभाग अकेले लगाएगा। वहीं 3285179 पौधे अन्य विभाग मिलकर लगाएंगे। इसके लिए वन विभाग ने जिले की 34 पौधशालाओं में करीब 84 लाख पौधे तैयार किए हैं। एक जुलाई से चल रहे वन महोत्सव अभियान के अंतर्गत चार जुलाई को विशेष अभियान चलाकर 4329300 पौधे एक दिन में लगाए जाएंगे। शेष लक्ष्य सात जुलाई तक पूरा किया जाएगा। वन विभाग की 34 पौधशालों से पौधे उठान के लिए विभाग ने अन्य विभागों व ग्राम पंचायतों को इंडेंट जारी कर दिया था। पर विभाग समय से पौधे लेने नहीं पहुंचे। पौधारोपण के एक दिन पहले ही अन्य विभाग पौधे लेने के लिए नर्सरियों पर एक साथ पहुंचे, जिससे नर्सरियों के बाहर लाइन लग गई थी। देर शाम तक पौधा उठान जारी रहा।
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117.41 लाख लीटर ऑक्सीजन का होगा उत्पादन
आजमगढ़। इस बार आक्सीजन देने वाले बरगद, पाकड़, पीपल, नीम जैसे पौधों का रोपण ज्यादा किया जाना है। इसके अलावा सहजन, महुआ, आंवला, नींबू, जामुन, इमली, आम, अमरूद के अलावा सौगान, अर्जुन, शीशम आदि प्रजातियों के पौधे नर्सरी में तैयार हैं। सामाजिक वानिकी प्रभागीय निदेशक गंगा दत्त मिश्रा ने बताया कि एक वृक्ष रोजना 225.80 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। यदि जिले में रोपे जाने वाले 52 लाख पौधे सलामत रह गए तो रोजाना 117.41 लाख लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन करेंगे। उन्होंने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति जीवित रहने के लिए प्रतिदिन 550 लीटर ऑक्सीजन का उपयोग करता है।
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अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए जाएंगे
आजमगढ़। अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधों की मांग बढ़ गई है। शासन ने भी प्रत्येक विद्यालय परिसर में अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे जैसे नीम, पीपल, बरगद, पाकड़, गुलर आदि लगाने को कहा है। विभाग इसकी तैयारी में लगा है।
कोरोना संक्रमण ने जीवन में काफी सारे बदलाव किए हैं। एक बार फिर लोगों प्रकृति की ओर लौट रहे हैं। लोग अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगा रहे हैं। शासन ने भी वन विभाग को अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। वन विभाग द्वारा माध्यमिक व परिषदीय स्कूलों को अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ताकि स्कूल व आसपास के क्षेत्र प्रदूषणमुक्त हो सके। प्रभारी डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि इस बार अधिक ऑक्सीजन देने वाले पौधे विद्यालयों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ताकि आने वाले भविष्य में छांव के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण में बच्चे पढ़ाई कर सके।