{"_id":"57d061e74f1c1b9863318026","slug":"ghahgara-soil-erosion","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान तेज होने से दहशत में घाघरा के तटवर्ती लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान तेज होने से दहशत में घाघरा के तटवर्ती लोग
शैलेंद्र मणि त्रिपाठी/आजमगढ
Updated Thu, 08 Sep 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
मुराली का पुरा में घाघरा की कटान को दिखाता ग्रामीण।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ाव के बाद बुधवार को घाघरा के जलस्तर में एक बार घटाव दर्ज किया गया। जलस्तर घटने के साथ कटान भी तेज हो गई है। कटान देख ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वहीं कटान पीड़ितों को मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए अब तक सर्वे का कार्य शुरू नहीं हो सका।
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा मंगलवार को बढ़ने के बाद बुधवार को घटान की ओर उंमुख नजर आई। नदी का जलस्तर मंगलवार की शाम बदरहुंआ नाले पर 70.27 मीटर और डिघिया नाले पर 68.95 मीटर था। जो बुधवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर चार सेमी घटकर 70.23 मीटर और डिघिया नाले पर पांच सेमी घटकर 68.90 मीटर पर आ गया।
नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। मुराली का पुरवा में कटान को देखते हुए लोग अपना आशियाना खुद ही उजाड़ते हुए देखे गए। नदी देवाराखास राजा के मुराली के पुरा, गया के पुरा, अचल नगर के देवारा भीच्छुक दास, देवारा गरीब दुबे, देवारा श्रीनगर, देवारा अचल सिंह, देवारा राम सरन दुबे, सहबदिया, महुला, छितौनी आदि जगहों पर गन्ना के फसल सहित जमीन काट चुकी है। किसानों की अब तक सैकड़ों विगहा जमीन नदी काट चुकी है। लेकिन मुआवजा तो दूर अभी तक किसानों की कटी जमीन का सर्वे भी नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा मंगलवार को बढ़ने के बाद बुधवार को घटान की ओर उंमुख नजर आई। नदी का जलस्तर मंगलवार की शाम बदरहुंआ नाले पर 70.27 मीटर और डिघिया नाले पर 68.95 मीटर था। जो बुधवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर चार सेमी घटकर 70.23 मीटर और डिघिया नाले पर पांच सेमी घटकर 68.90 मीटर पर आ गया।
विज्ञापन
नदी का जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गई है। मुराली का पुरवा में कटान को देखते हुए लोग अपना आशियाना खुद ही उजाड़ते हुए देखे गए। नदी देवाराखास राजा के मुराली के पुरा, गया के पुरा, अचल नगर के देवारा भीच्छुक दास, देवारा गरीब दुबे, देवारा श्रीनगर, देवारा अचल सिंह, देवारा राम सरन दुबे, सहबदिया, महुला, छितौनी आदि जगहों पर गन्ना के फसल सहित जमीन काट चुकी है। किसानों की अब तक सैकड़ों विगहा जमीन नदी काट चुकी है। लेकिन मुआवजा तो दूर अभी तक किसानों की कटी जमीन का सर्वे भी नहीं हुआ।
विज्ञापन